अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की भाजपा की सुमनलता अग्रवाल चुनी गई महापौर
अलवर। अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की पहली महापौर चुनी गई हैं। सोमवार, 21 सितंबर को हुए महापौर चुनाव में सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी कमलेश शर्मा को वोट प्राप्त हुए। परिणाम घोषित होते ही अलवर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनना तय हो गया।
महापौर चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से भाजपा और कांग्रेस के बीच पार्षदों के समर्थन को लेकर सियासी हलचल बनी हुई थी। अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। वार्ड चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 28, कांग्रेस ने 23, निर्दलीयों ने 13 और बसपा ने एक वार्ड में जीत दर्ज की थी। किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था, जिसके चलते महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।
महापौर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल के पक्ष में 42 वोट पड़े। रिपोर्टों के अनुसार भाजपा को 13 निर्दलीय पार्षदों और एक बसपा पार्षद का समर्थन मिला। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट प्राप्त हुए।
सुमनलता अग्रवाल की जीत के साथ ही अलवर नगर निगम के गठन के बाद पहली बार महापौर के रूप में भाजपा का नेतृत्व सामने आया है। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
अब महापौर सुमनलता अग्रवाल के सामने अलवर शहर के विकास और नगर निगम के कामकाज को गति देने की जिम्मेदारी होगी। शहरवासियों की नजर नई नगर सरकार के कामकाज पर रहेगी। पानी, सफाई, सड़क, नाली, सीवरेज, जलभराव और शहर की बुनियादी सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दे नए बोर्ड के सामने प्रमुख चुनौतियों में रहेंगे।
अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव के परिणाम ने शहर की स्थानीय राजनीति की तस्वीर भी साफ कर दी है। अब महापौर के नेतृत्व में बनने वाली नगर निगम की नई कार्यप्रणाली और आगामी विकास कार्यों पर शहरवासियों की नजर रहेगी।
चुनाव परिणाम एक नजर में:
महापौर
महापौर चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से भाजपा और कांग्रेस के बीच पार्षदों के समर्थन को लेकर सियासी हलचल बनी हुई थी। अलवर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। वार्ड चुनाव के परिणाम में भाजपा ने 28, कांग्रेस ने 23, निर्दलीयों ने 13 और बसपा ने एक वार्ड में जीत दर्ज की थी। किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था, जिसके चलते महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।
महापौर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल के पक्ष में 42 वोट पड़े। रिपोर्टों के अनुसार भाजपा को 13 निर्दलीय पार्षदों और एक बसपा पार्षद का समर्थन मिला। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट प्राप्त हुए।
सुमनलता अग्रवाल की जीत के साथ ही अलवर नगर निगम के गठन के बाद पहली बार महापौर के रूप में भाजपा का नेतृत्व सामने आया है। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
अब महापौर सुमनलता अग्रवाल के सामने अलवर शहर के विकास और नगर निगम के कामकाज को गति देने की जिम्मेदारी होगी। शहरवासियों की नजर नई नगर सरकार के कामकाज पर रहेगी। पानी, सफाई, सड़क, नाली, सीवरेज, जलभराव और शहर की बुनियादी सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दे नए बोर्ड के सामने प्रमुख चुनौतियों में रहेंगे।
अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव के परिणाम ने शहर की स्थानीय राजनीति की तस्वीर भी साफ कर दी है। अब महापौर के नेतृत्व में बनने वाली नगर निगम की नई कार्यप्रणाली और आगामी विकास कार्यों पर शहरवासियों की नजर रहेगी।
चुनाव परिणाम एक नजर में:
महापौर