🔥 TRENDING Gwalior: Parents Block Road After Infa... चंदन गिरी हत्याकांड में पत्नी और सास ग... मिनिमाता गर्ल्स कॉलेज में चोरी का खुला... 14 વર્ષ પહેલાં પોલીસ ફાયરિંગમાં પુત્ર... खस्ताहाल सड़क बनी राहगीरों के लिए सिरद... અમરેલી: રાજુલામાં ૬૨ વર્ષની પરંપરા જાળ...
31 Aug 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

रात होते ही खतरनाक हो जाता है घंटाघर-शिवाजी नगर मार्ग,सड़क पर गड्ढे और ऊपर अंधेरा

✍️ Reporter: Vishwanath Pratap Singh 🗓 30 Aug 2026, 08:02 AM 👁 19
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल घंटाघर से शिवाजी नगर होते हुए पंडित रविशंकर शुक्ल नगर एवं पोड़ीबहार जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति

शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल घंटाघर से शिवाजी नगर होते हुए पंडित रविशंकर शुक्ल नगर एवं पोड़ीबहार जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और दूसरी ओर कई दिनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट के कारण रात होते ही यह मार्ग हादसों को न्योता देता नजर आ रहा है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिन में किसी तरह इस मार्ग से आवाजाही हो जाती है, लेकिन रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में अचानक सामने आए गड्ढे से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। कई स्थानों पर सड़क की हालत ऐसी है कि वाहन चालकों को गड्ढों के बीच से रास्ता तलाशकर निकलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग की स्ट्रीट लाइट कई दिनों से बंद है। शाम ढलते ही सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। वहीं सड़क पर मौजूद गड्ढे रात के अंधेरे में नजर नहीं आते। इससे राहगीरों और वाहन चालकों में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी और सड़क पर पसरे अंधेरे के बीच गड्ढों से बचना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने को मजबूर होते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों से टक्कर की स्थिति भी बन सकती है।
लोगों का कहना है कि एक तरफ शहर में विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के महत्वपूर्ण मार्ग की बुनियादी व्यवस्था तक दुरुस्त नहीं हो पा रही है। सड़क के गड्ढे लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इनकी मरम्मत को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

स्ट्रीट लाइट बंद होने के बाद भी उसे ठीक कराने की दिशा में ठोस पहल नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदारों को किसका इंतजार है? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग की नींद खुलेगी?
घंटाघर शहर का प्रमुख क्षेत्र है और यहां से शिवाजी नगर, पंडित रविशंकर शुक्ल नगर तथा पोड़ीबहार की ओर बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन करते हैं। नौकरीपेशा लोगों से लेकर विद्यार्थी और अन्य वाहन चालक देर शाम तक इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और अंधेरा दोनों मिलकर परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालक उसमें फंस सकते हैं या अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मार्ग के गड्ढों को तत्काल भरा जाए और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द से जल्द चालू कराया जाए। लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। यदि समय रहते सड़क और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाए तो संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।

अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को कब गंभीरता से लेगा? **क्या सड़क के गड्ढे भरने और स्ट्रीट लाइट चालू करने के लिए किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है?** शहरवासियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई करेंगे, ताकि रात के अंधेरे में इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा न रहे।
📲Get App