📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Thomas Cadell
बिज़नेस
राजस्थान में मेजर लीज में अब माइनर मिनरल शामिल, नई 2026 नियमावली
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 21 अग. 2026, 07:17 AM
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राजस्थान सरकार ने 2026 की नई खनिज रियायत (तीसरा संशोधन) नियमावली जारी की, जिससे मेजर मिनरल लीजधारक अब उसी लीज में माइनर मिनरल जोड़ सकेंगे।
राजस्थान सरकार ने आधिकारिक रूप से राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 जारी किए हैं। यह अधिसूचना राज्य के खनिज लीज़ नियमों में संशोधन करती है।
नए नियम के तहत, जो कंपनियां पहले से ही चूना पत्थर, जिप्सम या बॉक्साइट जैसे मेजर मिनरल की लीज़ रखती हैं, वे उसी लीज़ में माइनर मिनरल भी जोड़ सकेंगी। पहले प्रत्येक खनिज के लिए अलग आवेदन और मंजूरी आवश्यक होती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, समय कम करेगा और खनन कंपनियों के खर्च को घटाएगा। लीज़ प्रबंधन को एकीकृत करके, राज्य अपने खनिज क्षेत्र को निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना चाहता है, साथ ही नियामक निगरानी को सुदृढ़ करना चाहता है।
सरकार ने बताया कि यह संशोधन राजस्थान की खनन नीति को आधुनिक बनाने और राज्य के विविध खनिज संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।
नए नियम के तहत, जो कंपनियां पहले से ही चूना पत्थर, जिप्सम या बॉक्साइट जैसे मेजर मिनरल की लीज़ रखती हैं, वे उसी लीज़ में माइनर मिनरल भी जोड़ सकेंगी। पहले प्रत्येक खनिज के लिए अलग आवेदन और मंजूरी आवश्यक होती थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, समय कम करेगा और खनन कंपनियों के खर्च को घटाएगा। लीज़ प्रबंधन को एकीकृत करके, राज्य अपने खनिज क्षेत्र को निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना चाहता है, साथ ही नियामक निगरानी को सुदृढ़ करना चाहता है।
सरकार ने बताया कि यह संशोधन राजस्थान की खनन नीति को आधुनिक बनाने और राज्य के विविध खनिज संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।