📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SandeepGauttam
स्वास्थ्य
राजगढ़ में सेल्यूलाइटिस का प्रकोप, 40 से अधिक मरीज उपचारित, एक का पैर काटना पड़ा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 23 अग. 2026, 10:17 PM
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राजगढ़ जिला अस्पताल में 40 से अधिक सेल्यूलाइटिस के मामले दर्ज, एक मरीज का पैर काटना पड़ा।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला अस्पताल में सेल्यूलाइटिस के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज हुई है, जहाँ हाल ही में 40 से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं। यह बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण अक्सर छोटी सी चोट या खरोंच से शुरू होता है, परन्तु इस बार यह अधिक तेज़ी से फैल रहा है।
भर्ती किए गए रोगियों में एक गंभीर मामला था, जहाँ संक्रमण के बढ़ने के कारण रोगी का पैर काटना पड़ा। चिकित्सकों ने बताया कि इस मरीज को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएँ, जैसे डायबिटीज, थीं, जिससे रोग की प्रगति तेज़ हुई।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से डायबिटीज रोगियों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी छोटी चोट को तुरंत साफ़‑सफ़ाई तथा डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक बताया है। रक्त शर्करा नियंत्रण और समय पर एंटीबायोटिक उपचार को रोकथाम के मुख्य उपाय के रूप में उजागर किया गया।
अस्पताल ने इस प्रकोप को संभालने के लिए एक विशेष टीम गठित की है और एंटीबायोटिक की आपूर्ति बढ़ा दी है। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संक्रमण के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
भर्ती किए गए रोगियों में एक गंभीर मामला था, जहाँ संक्रमण के बढ़ने के कारण रोगी का पैर काटना पड़ा। चिकित्सकों ने बताया कि इस मरीज को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएँ, जैसे डायबिटीज, थीं, जिससे रोग की प्रगति तेज़ हुई।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से डायबिटीज रोगियों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी छोटी चोट को तुरंत साफ़‑सफ़ाई तथा डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक बताया है। रक्त शर्करा नियंत्रण और समय पर एंटीबायोटिक उपचार को रोकथाम के मुख्य उपाय के रूप में उजागर किया गया।
अस्पताल ने इस प्रकोप को संभालने के लिए एक विशेष टीम गठित की है और एंटीबायोटिक की आपूर्ति बढ़ा दी है। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संक्रमण के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।