📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / యర్రా రామారావు
सरकारी योजना
पश्चिम बंगाल में आज अनन्युपूर्ण योजना के तहत 1.58 करोड़ महिलाओं को ₹3,000 मिलेंगे
✍️ CNBC TV18
🗓 17 सित. 2026, 09:36 AM
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पश्चिम बंगाल सरकार ने आज अनन्युपूर्ण योजना के तहत 1.58 करोड़ पात्र महिलाओं को ₹3,000 की नकद सहायता देने की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल सरकार ने अनन्युपूर्ण योजना के नवीनतम चरण की शुरुआत की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है। 2022 में शुरू किया गया यह योजना नियमित नकद हस्तांतरण के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य सुधार को लक्ष्य बनाती है।
आधिकारिक घोषणा के अनुसार, आज 1.58 करोड़ महिलाओं को प्रत्येक ₹3,000 प्राप्त होंगे, जिससे कुल खर्च लगभग ₹4,740 करोड़ होगा। यह भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राज्य के डिजिटल भुगतान मंच के ज़रिए जमा किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनती है।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि यह वितरण त्योहारी सीजन से पहले घरों की खरीद शक्ति बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना कন্যाश्री और सबुज साथी जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ समन्वित है।
इस कार्यवाही का लक्ष्य शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण जिलों में महिलाओं तक पहुँच बनाना है, विशेष रूप से सामाजिक‑आर्थिक जाति जनगणना में पहचानी गई महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। निकट भविष्य में पोषण संकेतकों पर इस नकद सहायता के प्रभाव को मापने के लिए निगरानी एजेंसियां कार्यान्वित होंगी।
आधिकारिक घोषणा के अनुसार, आज 1.58 करोड़ महिलाओं को प्रत्येक ₹3,000 प्राप्त होंगे, जिससे कुल खर्च लगभग ₹4,740 करोड़ होगा। यह भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राज्य के डिजिटल भुगतान मंच के ज़रिए जमा किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनती है।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि यह वितरण त्योहारी सीजन से पहले घरों की खरीद शक्ति बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना कন্যाश्री और सबुज साथी जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ समन्वित है।
इस कार्यवाही का लक्ष्य शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण जिलों में महिलाओं तक पहुँच बनाना है, विशेष रूप से सामाजिक‑आर्थिक जाति जनगणना में पहचानी गई महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। निकट भविष्य में पोषण संकेतकों पर इस नकद सहायता के प्रभाव को मापने के लिए निगरानी एजेंसियां कार्यान्वित होंगी।