📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Harshit SR
Derivative work: Unpetitpro
मौसम
उत्तarakhand की हिमालयी भूभाग से राज्य में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
✍️ The New Indian Express
🗓 20 अग. 2026, 09:38 PM
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न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि हिमालयी भूभाग की नाजुकता के कारण उत्तराखंड को भूस्खलन, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा है।
उत्तarakंध, जो मध्य हिमालय में स्थित है, अपनी तीव्र ढलानों, युवा भूविज्ञान और तीव्र मानसून वर्षा के कारण विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील है। राज्य के संकरी घाटियों और नदी मार्गों से भूस्खलन और अचानक बाढ़ का प्रभाव बढ़ जाता है, विशेषकर बरसात के मौसम में।
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र की टेक्टोनिक स्थिति इसे भूकंप के प्रति संवेदनशील बनाती है, जबकि जलवायु‑प्रेरित हिमनदी पिघलना नदी प्रणालियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ये सभी कारक मिलकर एक नाजुक वातावरण बनाते हैं जहाँ एक ही अत्यधिक घटना कई आपदाओं को जन्म दे सकती है।
राज्य के प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन एजेंसियां जोखिम मानचित्रण और शीघ्र चेतावनी प्रणालियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं, ताकि जीवन और संपत्ति की हानि को कम किया जा सके। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट हिमालयी क्षेत्र में वैज्ञानिक मूल्यांकन को सामुदायिक तैयारी के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र की टेक्टोनिक स्थिति इसे भूकंप के प्रति संवेदनशील बनाती है, जबकि जलवायु‑प्रेरित हिमनदी पिघलना नदी प्रणालियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ये सभी कारक मिलकर एक नाजुक वातावरण बनाते हैं जहाँ एक ही अत्यधिक घटना कई आपदाओं को जन्म दे सकती है।
राज्य के प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन एजेंसियां जोखिम मानचित्रण और शीघ्र चेतावनी प्रणालियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं, ताकि जीवन और संपत्ति की हानि को कम किया जा सके। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट हिमालयी क्षेत्र में वैज्ञानिक मूल्यांकन को सामुदायिक तैयारी के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।