📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
कृषि
तमिलनाडु के रेतीले टीलों में मिली नई अद्वितीय जड़ी-बूटी
✍️ The Indian Express
🗓 23 अग. 2026, 10:04 PM
👁 6
वैज्ञानिकों ने तमिलनाडु के टीलों में एक नई जड़ी-बूटी की पहचान की, जो अपनी विशिष्ट विशेषताओं और संभावित उपयोगों के कारण खास है।
तमिलनाडु के तटीय टीलों का सर्वेक्षण कर रहे वनस्पतिशास्त्रीयों ने एक ऐसी जड़ी-बूटी की रिपोर्ट की है, जो अब तक किसी भी पौधों की सूची में दर्ज नहीं है। यह पौधा टीलों की खारी और कठोर परिस्थितियों में पनपता है, जिसकी जड़ प्रणाली रेत के सरकने के बावजूद उसे स्थिर रखती है।
प्रारम्भिक निरीक्षणों से पता चलता है कि इस जड़ी-बूटी की पत्तियों का आकार और सुगंध अन्य स्थानीय प्रजातियों से अलग है। वैज्ञानिक इसके रासायनिक घटकों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि संभावित औषधीय या कृषि उपयोगों का पता लगाया जा सके।
यह खोज भारत के शुष्क तटीय क्षेत्रों में जैव विविधता की संभावनाओं को उजागर करती है और इन नाजुक आवासों के संरक्षण तथा आगे के पारिस्थितिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल देती है।
प्रारम्भिक निरीक्षणों से पता चलता है कि इस जड़ी-बूटी की पत्तियों का आकार और सुगंध अन्य स्थानीय प्रजातियों से अलग है। वैज्ञानिक इसके रासायनिक घटकों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि संभावित औषधीय या कृषि उपयोगों का पता लगाया जा सके।
यह खोज भारत के शुष्क तटीय क्षेत्रों में जैव विविधता की संभावनाओं को उजागर करती है और इन नाजुक आवासों के संरक्षण तथा आगे के पारिस्थितिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल देती है।