📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Odisha
बिज़नेस
त्रिपुरा के सीएम का कहना, बेमेल चाय बागानों से नई निवेश संभावनाएँ खुलेंगी
✍️ Northeast Today
🗓 24 सित. 2026, 07:37 PM
👁 16
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. मणिक साहा ने कहा कि बेमेल चाय बागानों को निवेश के नए प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. मणिक साहा ने कहा कि राज्य में कई चाय बागान वर्तमान में बेमेल पड़े हैं और इन्हें निवेश के नए अवसरों के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन बागानों को सक्रिय करके राज्य की आर्थिक विविधता बढ़ाई जा सकती है।
त्रिपुरा एक प्रमुख चाय उत्पादन क्षेत्र है, परन्तु कुछ बागानों में खेती या प्रसंस्करण नहीं हो रहा है। सरकार का मानना है कि इन बेमेल जमीनों को निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रसंस्करण इकाइयाँ, एग्रो‑टूरिज्म या चाय से जुड़े अन्य उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
राज्य ने निजी भागीदारी को आसान बनाने के लिये स्पष्ट भूमि‑उपयोग नीतियों और प्रोत्साहनों के साथ एक रूपरेखा तैयार करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की निवेश पहल से रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और समग्र राजस्व में सुधार होगा।
विस्तृत दिशानिर्देश अभी तैयार हो रहे हैं, पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार संभावित साझेदारों के साथ मिलकर चाय क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करेगी।
त्रिपुरा एक प्रमुख चाय उत्पादन क्षेत्र है, परन्तु कुछ बागानों में खेती या प्रसंस्करण नहीं हो रहा है। सरकार का मानना है कि इन बेमेल जमीनों को निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रसंस्करण इकाइयाँ, एग्रो‑टूरिज्म या चाय से जुड़े अन्य उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।
राज्य ने निजी भागीदारी को आसान बनाने के लिये स्पष्ट भूमि‑उपयोग नीतियों और प्रोत्साहनों के साथ एक रूपरेखा तैयार करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की निवेश पहल से रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और समग्र राजस्व में सुधार होगा।
विस्तृत दिशानिर्देश अभी तैयार हो रहे हैं, पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार संभावित साझेदारों के साथ मिलकर चाय क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करेगी।