Crime
SAFE CITY MISSION के तहत महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षित यात्रा को लेकर कानपुर पुलिस की अहम पहल
20 बिंदुओं वाले प्रोफार्मा से होगी वाहन चालकों की जांच, CCTNS व DCRB से आपराधिक इतिहास का होगा सत्यापन
कानपुर। महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए SAFE CITY MISSION के तहत कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में मंगलवार, 01 सितंबर 2026 को पुलिस कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने की। बैठक में पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार, आरटीओ विभाग के अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस, एआरएम रोडवेज सहित बस, ऑटो एवं ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं तथा अन्य महिला यात्रियों की सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परिवहन साधनों में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। 20 बिंदुओं वाले प्रोफार्मा से होगा वाहन चालकों का सत्यापन गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि संबंधित वाहन चालकों एवं कर्मचारियों के विवरण के लिए 20 बिंदुओं वाला प्रोफार्मा उपलब्ध कराया जाएगा। वाहन संचालकों द्वारा प्रोफार्मा में मांगी गई जानकारी पूर्ण कर संबंधित थाना में जमा कराई जाएगी।
थाना पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन थाना अभिलेखों के साथ-साथ CCTNS एवं DCRB के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के दौरान यदि किसी चालक या कर्मचारी का आपराधिक इतिहास सामने आता है तो उसके संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं एवं बच्चियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग और परिवहन संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा के प्रति शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप कमिश्नरेट कानपुर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। SAFE CITY MISSION के तहत उठाया गया यह कदम महिला यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बैठक में स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं तथा अन्य महिला यात्रियों की सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परिवहन साधनों में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। 20 बिंदुओं वाले प्रोफार्मा से होगा वाहन चालकों का सत्यापन गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि संबंधित वाहन चालकों एवं कर्मचारियों के विवरण के लिए 20 बिंदुओं वाला प्रोफार्मा उपलब्ध कराया जाएगा। वाहन संचालकों द्वारा प्रोफार्मा में मांगी गई जानकारी पूर्ण कर संबंधित थाना में जमा कराई जाएगी।
थाना पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन थाना अभिलेखों के साथ-साथ CCTNS एवं DCRB के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के दौरान यदि किसी चालक या कर्मचारी का आपराधिक इतिहास सामने आता है तो उसके संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं एवं बच्चियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग और परिवहन संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा के प्रति शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप कमिश्नरेट कानपुर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। SAFE CITY MISSION के तहत उठाया गया यह कदम महिला यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।