📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Viraat Kothare
राजनीति
राजस्थान मानसून सत्र की शुरुआत, सात दिवंगत पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 20 अग. 2026, 09:45 AM
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राजस्थान की 16वीं विधानसभा का छठा मानसून सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें सात दिवंगत पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि दी गई।
राजस्थान की 16वीं विधानसभा ने आज सुबह 11 बजे जयपुर में छठा मानसून सत्र शुरू किया, जिससे वर्षा ऋतु के लिए विधायी कार्यवाही की शुरुआत हुई। यह सत्र कई हफ्तों तक चलेगा, जिसमें सरकार अपना बजट पेश करेगी और प्रमुख नीतियों पर चर्चा करेगी।
सत्र की शुरुआत सात दिवंगत पूर्व विधायकओं को श्रद्धांजलि देकर की गई। सदस्यों ने एक क्षण मौन रखा, उसके बाद विधानसभा के स्मारक पर पुष्पहार चढ़ाकर उनका सम्मान किया गया।
विरोधी दल, विशेषकर कांग्रेस, ने विधानसभा परिसर में पैदल मार्च करने की घोषणा की है, जिससे सत्र में तीव्र राजनीतिक बहस की संभावना बढ़ गई है। यह मार्च राज्य के विभिन्न मुद्दों पर पार्टी की चिंताओं को उजागर करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
सत्र के एजेंडे में कृषि, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट्स पर चर्चा शामिल है, जो मानसून के दौरान राज्य की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। अधिकारियों ने विधायकों से शिष्टाचार बनाए रखने और नीति चर्चा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।
जैसे-जैसे मानसून सत्र आगे बढ़ेगा, कांग्रेस के मार्च जैसे राजनीतिक कदमों का विधायी परिणामों और राजस्थान के शासन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना रहेगा।
सत्र की शुरुआत सात दिवंगत पूर्व विधायकओं को श्रद्धांजलि देकर की गई। सदस्यों ने एक क्षण मौन रखा, उसके बाद विधानसभा के स्मारक पर पुष्पहार चढ़ाकर उनका सम्मान किया गया।
विरोधी दल, विशेषकर कांग्रेस, ने विधानसभा परिसर में पैदल मार्च करने की घोषणा की है, जिससे सत्र में तीव्र राजनीतिक बहस की संभावना बढ़ गई है। यह मार्च राज्य के विभिन्न मुद्दों पर पार्टी की चिंताओं को उजागर करने के उद्देश्य से किया जाएगा।
सत्र के एजेंडे में कृषि, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट्स पर चर्चा शामिल है, जो मानसून के दौरान राज्य की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। अधिकारियों ने विधायकों से शिष्टाचार बनाए रखने और नीति चर्चा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है।
जैसे-जैसे मानसून सत्र आगे बढ़ेगा, कांग्रेस के मार्च जैसे राजनीतिक कदमों का विधायी परिणामों और राजस्थान के शासन पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना रहेगा।