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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकोंकि समस्या का का हो शीघ्र समाधान
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राजकीय उच्च माध्यमिकविद्यालयों के शिक्षकों के शीघ्र समाधान कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने सरकार से किया मांग
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयोंके के शिक्षकों किसमस्याओं का हो शीघ्र समाधान डॉ. दिव्या ज्योति
पटना। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। वे सीमित संसाधनों और अनेक प्रशासनिक चुनौतियों के बीच विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं की अनदेखी शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल विभागीय औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकता है।
उन्होंने प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि
विद्यालयों में विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।
स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और शिक्षक हितैषी बनाया जाए।
लंबित प्रोन्नति एवं सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध निष्पादन हो।
शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्यों का अनावश्यक बोझ कम किया जाए, ताकि वे पूरी क्षमता से शिक्षण कार्य कर सकें।
विद्यालयों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जाए।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा विभाग द्वारा नियमित संवाद एवं शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
समान कार्य एवं जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षकों के बीच किसी भी प्रकार की अनावश्यक सेवा विसंगति को दूर किया जाए।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा, “शिक्षक केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के भविष्य निर्माता हैं। जिस व्यवस्था में शिक्षक सम्मान, सुरक्षा और संतोष के साथ काम करेगा, उसी व्यवस्था में विद्यार्थी बेहतर भविष्य की ओर बढ़ेंगे।”
उन्होंने सरकार एवं शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए समयबद्ध समाधान का रोडमैप तैयार किया जाए।
डॉ. दिव्या ज्योति ने स्पष्ट कहा कि शिक्षक हित से जुड़े हर न्यायोचित मुद्दे की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी और शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकार एवं बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
“शिक्षक का सम्मान होगा, तभी शिक्षा का उत्थान होगा।”
“शिक्षक सशक्त होंगे, तभी बिहार की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।”
पटना। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। वे सीमित संसाधनों और अनेक प्रशासनिक चुनौतियों के बीच विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं की अनदेखी शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल विभागीय औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकता है।
उन्होंने प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि
विद्यालयों में विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले।
स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और शिक्षक हितैषी बनाया जाए।
लंबित प्रोन्नति एवं सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध निष्पादन हो।
शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्यों का अनावश्यक बोझ कम किया जाए, ताकि वे पूरी क्षमता से शिक्षण कार्य कर सकें।
विद्यालयों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जाए।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा विभाग द्वारा नियमित संवाद एवं शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
समान कार्य एवं जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षकों के बीच किसी भी प्रकार की अनावश्यक सेवा विसंगति को दूर किया जाए।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा, “शिक्षक केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के भविष्य निर्माता हैं। जिस व्यवस्था में शिक्षक सम्मान, सुरक्षा और संतोष के साथ काम करेगा, उसी व्यवस्था में विद्यार्थी बेहतर भविष्य की ओर बढ़ेंगे।”
उन्होंने सरकार एवं शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए समयबद्ध समाधान का रोडमैप तैयार किया जाए।
डॉ. दिव्या ज्योति ने स्पष्ट कहा कि शिक्षक हित से जुड़े हर न्यायोचित मुद्दे की आवाज मजबूती से उठाई जाएगी और शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकार एवं बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
“शिक्षक का सम्मान होगा, तभी शिक्षा का उत्थान होगा।”
“शिक्षक सशक्त होंगे, तभी बिहार की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।”