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देश
सेवानिवृत्त एससी जज संजय करोल: न्यायाधीश भगवान नहीं, निर्णय में चूक संभव
✍️ Hindustan Times
🗓 22 अग. 2026, 02:39 PM
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सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज संजय करोल ने कहा कि न्यायाधीश भी इंसान हैं और निर्णय में चूक हो सकती है, अचूकता का कोई दावा नहीं है।
सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज संजय करोल ने अपने अंतिम कार्यदिवस पर पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को ईश्वर नहीं माना जा सकता और कभी‑कभी उनके फैसलों में त्रुटि हो सकती है। यह बात न्यायपालिका की सार्वजनिक अपेक्षाओं को संतुलित करने के लिए कही गई।
जज ने यह भी कहा कि न्याय प्रणाली को पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होना चाहिए, और मानवीय त्रुटियों को स्वीकार करना जनता के भरोसे को बनाए रखने में मददगार है। उन्होंने सहकर्मी न्यायाधीशों से लगातार सीखते रहने और पिछले निर्णयों से सीखकर भविष्य के फैसलों को बेहतर बनाने का आग्रह किया।
करोल के इस बयान का महत्व इस दौर में और भी बढ़ जाता है, जब सुप्रीम कोर्ट कई प्रमुख मामलों की सुनवाई कर रहा है, और उनका यह ईमानदार विचार उच्चतम न्यायालय में विनम्रता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
जज ने यह भी कहा कि न्याय प्रणाली को पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होना चाहिए, और मानवीय त्रुटियों को स्वीकार करना जनता के भरोसे को बनाए रखने में मददगार है। उन्होंने सहकर्मी न्यायाधीशों से लगातार सीखते रहने और पिछले निर्णयों से सीखकर भविष्य के फैसलों को बेहतर बनाने का आग्रह किया।
करोल के इस बयान का महत्व इस दौर में और भी बढ़ जाता है, जब सुप्रीम कोर्ट कई प्रमुख मामलों की सुनवाई कर रहा है, और उनका यह ईमानदार विचार उच्चतम न्यायालय में विनम्रता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।