📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rupasree
कृषि
तवांग के किसानों को नई जौ की किस्म से वन्यजीव नुकसान से बचाव
✍️ Deccan Herald
🗓 28 अग. 2026, 10:48 PM
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अर्जुनाचल प्रदेश के तवांग में नई जौ की किस्म ने किसानों को वन्यजीवों द्वारा फसल क्षति से बचाया है।
अर्जुनाचल प्रदेश के तवांग जिले में किसानों ने हाल ही में विकसित एक नई जौ की किस्म अपनाई है, जो वन्यजीवों के लगातार हमलों से बचाव में कारगर साबित हो रही है। यह फसल तेज़ी से बढ़ने और मजबूत तने वाली है, जिससे पारंपरिक अनाजों की तुलना में पशु‑पक्षियों द्वारा क्षति कम होती है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि इस जौ की जल्दी पकने की अवधि और कठोर तना वन्यजीवों जैसे हिरण और जंगली सूअर के क्षरण को सीमित करता है। इस कारण फसल के नुकसान में स्पष्ट कमी आई है, जिससे परिवारों को अपनी उपज का अधिक हिस्सा घर में उपयोग या बाजार में बेचने को मिल रहा है।
राज्य के कृषि अधिकारी इस किस्म को पहाड़ी क्षेत्रों में मानव‑वन्यजीव संघर्ष से जूझ रहे किसानों के लिए एक उदाहरण मानते हैं। विस्तार कार्यकर्ताओं ने बीज किट वितरित कर उचित खेती के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया है, ताकि अधिक किसान इस फसल को अपनाएँ।
यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो यह जौ पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में कई सीमांत किसानों के लिए मुख्य फसल बन सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और वन्यजीव क्षति के आर्थिक प्रभाव में कमी आएगी।
स्थानीय किसानों ने बताया कि इस जौ की जल्दी पकने की अवधि और कठोर तना वन्यजीवों जैसे हिरण और जंगली सूअर के क्षरण को सीमित करता है। इस कारण फसल के नुकसान में स्पष्ट कमी आई है, जिससे परिवारों को अपनी उपज का अधिक हिस्सा घर में उपयोग या बाजार में बेचने को मिल रहा है।
राज्य के कृषि अधिकारी इस किस्म को पहाड़ी क्षेत्रों में मानव‑वन्यजीव संघर्ष से जूझ रहे किसानों के लिए एक उदाहरण मानते हैं। विस्तार कार्यकर्ताओं ने बीज किट वितरित कर उचित खेती के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया है, ताकि अधिक किसान इस फसल को अपनाएँ।
यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो यह जौ पूर्वी हिमालयी क्षेत्रों में कई सीमांत किसानों के लिए मुख्य फसल बन सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और वन्यजीव क्षति के आर्थिक प्रभाव में कमी आएगी।