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22 अग. 2026
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एनडीटीवी का संपादकीय: एल्गोरिद्म‑निर्धारित सामग्री पर पत्रकारिता को दिखाना चाहिए असली मुद्दे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avnish.vikas
टेक्नोलॉजी

एनडीटीवी का संपादकीय: एल्गोरिद्म‑निर्धारित सामग्री पर पत्रकारिता को दिखाना चाहिए असली मुद्दे

✍️ NDTV 🗓 22 अग. 2026, 09:39 AM 👁 6
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एनडीटीवी के नवीनतम संपादकीय में कहा गया है कि एल्गोरिद्म जब समाचार फ़ीड तय करते हैं, तो पत्रकारों को महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुख बनाना चाहिए।

एनडीटीवी ने “जब एल्गोरिद्म तय करता है कि आप क्या देखें, पत्रकारिता को दिखाना चाहिए क्या महत्वपूर्ण है” शीर्षक से एक संपादकीय प्रकाशित किया, जिसमें सार्वजनिक सूचना उपभोग पर एल्गोरिद्म‑आधारित फ़ीड की बढ़ती भूमिका को उजागर किया गया है।
संपादकीय में बताया गया है कि खोज इंजन, वीडियो प्लेटफ़ॉर्म और सोशल मीडिया जैसी साइटें सहभागिता‑आधारित एल्गोरिद्म का उपयोग करती हैं, जो अक्सर सनसनीखेज सामग्री को बढ़ावा देती हैं और सार्वजनिक महत्व की खबरों को पीछे धकेल देती हैं।
इन परिस्थितियों में, समाचार संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि वे संपादकीय विवेक को सुदृढ़ करें, स्रोतों की विविधता बढ़ाएँ और स्पष्ट संदर्भ प्रदान करें ताकि आवश्यक मुद्दे क्लिक‑बेट प्रवृत्तियों से ओझल न हों।
संपादकीय यह भी रेखांकित करता है कि जिम्मेदार पत्रकारिता सूचना‑बबल के खिलाफ प्रमुख रक्षा है, और मीडिया हाउस को यह सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए कि सार्थक रिपोर्टिंग एल्गोरिद्म की प्राथमिकताओं के बावजूद दर्शकों तक पहुँचे।
तकनीक‑प्रेरित वितरण और पत्रकारिता के कर्तव्य के बीच संतुलन की मांग करके, एनडीटीवी डिजिटल समाचार परिदृश्य में प्रेस की भूमिका को पुनः स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।
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