📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kavali Chandrakanth KCK
राजनीति
प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में ‘मोदी चालीसा’ प्रस्तुति पर विवाद
✍️ The Times of India
🗓 20 अग. 2026, 09:37 PM
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प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में ‘मोदी चालीसा’ के प्रदर्शन पर आलोचना आई, जिससे अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया।
नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में ‘मोदी चालीसा’ का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की गई। यह लाइव प्रसारण तुरंत पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों की आलोचना का कारण बना, जिन्होंने इस मंच की तटस्थता पर सवाल उठाए।
आलोचक तर्क देते हैं कि इस तरह का कार्यक्रम प्रेस क्लब के मंच को राजनीतिक समर्थन के रूप में उपयोग करने की सीमा को धुंधला करता है। कई प्रेस सदस्यों ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और कार्यक्रम नीति की पुनः समीक्षा की मांग की।
प्रेस क्लब ने एक बयान जारी कर बताया कि यह प्रस्तुति व्यापक सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य किसी भी राजनीतिक पक्षपात को बढ़ावा देना नहीं था। बयान में विभिन्न दृष्टिकोणों के सम्मान और भविष्य में संपादकीय मानकों के पालन का आश्वासन दिया गया।
यह विवाद सार्वजनिक संस्थानों की राजनीतिक चर्चा में भूमिका को लेकर बहस को फिर से उभारा है, जहाँ कुछ सांसदों ने मीडिया स्थलों पर राजनीतिक सामग्री के लिए सख्त दिशानिर्देशों की मांग की है।
विवाद के प्रकाश में, प्रेस क्लब ने समान कार्यक्रमों को अस्थायी रूप से रोकने और नीति समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
आलोचक तर्क देते हैं कि इस तरह का कार्यक्रम प्रेस क्लब के मंच को राजनीतिक समर्थन के रूप में उपयोग करने की सीमा को धुंधला करता है। कई प्रेस सदस्यों ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और कार्यक्रम नीति की पुनः समीक्षा की मांग की।
प्रेस क्लब ने एक बयान जारी कर बताया कि यह प्रस्तुति व्यापक सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य किसी भी राजनीतिक पक्षपात को बढ़ावा देना नहीं था। बयान में विभिन्न दृष्टिकोणों के सम्मान और भविष्य में संपादकीय मानकों के पालन का आश्वासन दिया गया।
यह विवाद सार्वजनिक संस्थानों की राजनीतिक चर्चा में भूमिका को लेकर बहस को फिर से उभारा है, जहाँ कुछ सांसदों ने मीडिया स्थलों पर राजनीतिक सामग्री के लिए सख्त दिशानिर्देशों की मांग की है।
विवाद के प्रकाश में, प्रेस क्लब ने समान कार्यक्रमों को अस्थायी रूप से रोकने और नीति समीक्षा करने का निर्णय लिया है।