🔥 TRENDING ભરૂચ-દહેજ રોડ પર ટ્રાફિક જામમાં ફસાઈ એ... જંબુસર યુનિયન જીન ખાતે નકલી કુપન દ્વાર... સુરતના ખોલવડ રોડ પર સ્પીડ બ્રેકર પર સફ... Arunachal Pradesh achieves 100% househ... Arunachal Girl Clarifies Viral ‘I Am I... Chhari Mubarak Departs Srinagar for Pa...
22 Aug 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Crime

मेरठ: किसान नेताओं की पिटाई के आरोपों में घिरे इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़, विवादों से पुराना नाता

✍️ Reporter: Vijay Kumar 🗓 22 Aug 2026, 01:56 PM 👁 8
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

किसान नेताओं के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले में सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

मेरठ के सिविल लाइंस थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को एसओजी कार्यालय ले जाकर उनके साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया और फिल्मी गानों पर डांस करने के लिए मजबूर किया। इस घटना के बाद से ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निलंबन की मांग जोर पकड़ रही है। एडीजी भानु भास्कर ने स्पष्ट किया है कि डीआईजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले वे मेडिकल, सरूरपुर और पल्लवपुरम थानों से भी विवादों के चलते हटाए जा चुके हैं। पल्लवपुरम में उनका कार्यकाल चार महीने भी पूरा नहीं हो पाया था, जहां उन पर पुलिस के साथ मिलकर आठ लाख रुपये की वसूली के आरोप लगे थे और सिविल लाइंस थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा, ललिता गौतम हत्याकांड के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट के आरोपों में भी उनका नाम सामने आया था।

वर्ष 2022 में जब वे एसओजी प्रभारी थे, तब गांजा प्रकरण को लेकर पूरी एसओजी टीम को ही भंग कर दिया गया था। बावजूद इसके, उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रहीं। पूर्व एसएसपी विपिन ताडा के कार्यकाल में उन्हें एसओजी की कमान मिली थी, जबकि बाद में पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय ने उन्हें सिविल लाइंस थाने का प्रभारी नियुक्त किया था। अब ताजा मामले के बाद उनकी कार्यशैली पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
📲Get App