📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jayantamitra980
शिक्षा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड छात्र नेता ने नई जेडपीएससी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की
✍️ DD India
🗓 22 अग. 2026, 08:38 AM
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झारखंड में एक छात्र नेता ने झारखंड सार्वजनिक सेवा आयोग (JPSC) विवाद से जुड़े हाई कोर्ट के आदेश के बाद नई विरोध कार्रवाई की घोषणा की।
झारखंड में छात्र समुदाय को झारखंड सार्वजनिक सेवा आयोग (JPSC) विवाद से जुड़े हाई कोर्ट के आदेश के बाद नई विरोध कार्रवाई का आह्वान मिला है। छात्र संगठनों के गठबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता ने कहा कि कोर्ट का निर्णय उम्मीदवारों की मुख्य शिकायतों को नहीं सुलझा पाया।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन दृढ़ रहेगा, और प्रतिभागियों से राजधानी और अन्य जिलों के प्रमुख स्थानों पर इकट्ठा होने का अनुरोध किया। इस आंदोलन का उद्देश्य JPSC और राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को तेज़ करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बनाना है।
प्राधिकरणों को इस योजना की सूचना दे दी गई है, और पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति की निगरानी की जाएगी। अभी तक प्रदर्शन की निश्चित तिथि नहीं बताई गई, पर नेता ने कहा कि कोर्ट के आदेश के आधिकारिक रूप से मिलने के बाद यह आंदोलन जल्द ही शुरू होगा।
JPSC विवाद ने झारखंड भर में छात्रों में निराशा को बढ़ा दिया है, कई उम्मीदवारों ने प्रक्रिया में देरी और चयन मानदंड में अस्पष्टता की शिकायत की है। इस नई आंदोलन से आयोग पर दबाव और बढ़ेगा।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने तनाव को रोकने के लिए संवाद की अपील की है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह नई विरोध कार्रवाई छात्र समुदाय की मांगों को पूरा करने में JPSC और राज्य प्रशासन को कितना प्रभावित करती है।
सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन दृढ़ रहेगा, और प्रतिभागियों से राजधानी और अन्य जिलों के प्रमुख स्थानों पर इकट्ठा होने का अनुरोध किया। इस आंदोलन का उद्देश्य JPSC और राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को तेज़ करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बनाना है।
प्राधिकरणों को इस योजना की सूचना दे दी गई है, और पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति की निगरानी की जाएगी। अभी तक प्रदर्शन की निश्चित तिथि नहीं बताई गई, पर नेता ने कहा कि कोर्ट के आदेश के आधिकारिक रूप से मिलने के बाद यह आंदोलन जल्द ही शुरू होगा।
JPSC विवाद ने झारखंड भर में छात्रों में निराशा को बढ़ा दिया है, कई उम्मीदवारों ने प्रक्रिया में देरी और चयन मानदंड में अस्पष्टता की शिकायत की है। इस नई आंदोलन से आयोग पर दबाव और बढ़ेगा।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों ने तनाव को रोकने के लिए संवाद की अपील की है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह नई विरोध कार्रवाई छात्र समुदाय की मांगों को पूरा करने में JPSC और राज्य प्रशासन को कितना प्रभावित करती है।