📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PadFoot2008
मौसम
आईएसआरओ सैटेलाइट ने मध्य भारत में सक्रिय वर्षा प्रणाली देखी, मानसून जारी
✍️ India Today
🗓 26 अग. 2026, 09:48 AM
👁 6
आईएसआरओ के मौसम उपग्रह ने मध्य भारत में विकसित होती वर्षा प्रणाली का पता लगाया, जिससे पता चलता है कि मानसून अभी भी सक्रिय है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) के मौसम उपग्रह ने मध्य भारत के ऊपर एक निम्न दबाव वाला क्षेत्र पहचाना, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मानसून के दौरान नई वर्षा प्रणाली सक्रिय है।
उपग्रह के इन्फ्रारेड व माइक्रोवेव सेंसरों द्वारा इस प्रणाली का पता चलने से अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि यह विकास मौसमी पूर्वानुमान के अनुरूप है, जो देश के हृदयस्थल में मानसून की निरंतरता की भविष्यवाणी करता है, जो फसलों की बुवाई और जलाशयों के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और भारत मौसम विभाग के अद्यतन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इस प्रकार की वास्तविक‑समय जानकारी प्रदान करने में आईएसआरओ की भूमिका, समय पर चेतावनी जारी करने और देश की अर्थव्यवस्था व आजीविका पर मानसून के प्रभाव को प्रबंधित करने में मदद करती है।
उपग्रह के इन्फ्रारेड व माइक्रोवेव सेंसरों द्वारा इस प्रणाली का पता चलने से अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि यह विकास मौसमी पूर्वानुमान के अनुरूप है, जो देश के हृदयस्थल में मानसून की निरंतरता की भविष्यवाणी करता है, जो फसलों की बुवाई और जलाशयों के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और भारत मौसम विभाग के अद्यतन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
इस प्रकार की वास्तविक‑समय जानकारी प्रदान करने में आईएसआरओ की भूमिका, समय पर चेतावनी जारी करने और देश की अर्थव्यवस्था व आजीविका पर मानसून के प्रभाव को प्रबंधित करने में मदद करती है।