📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
सरकारी योजना
गुजरात में जनरक्षक बेड़े को 500 नई गाड़ियों से दोगुना किया जाएगा
✍️ The Times of India
🗓 25 अग. 2026, 03:04 AM
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गुजरात सरकार ने जनरक्षक बेड़े को दोगुना करने के लिए 500 नई गाड़ियां खरीदे जाने की घोषणा की, जिससे राज्य में सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
गुजरात के परिवहन और पुलिस विभागों ने जनरक्षक योजना के लिए 500 नई गाड़ियां खरीदने की मंजूरी दी है, जो एक स्वयंसेवी सड़क‑सुरक्षा पहल है। इस अतिरिक्त बेड़े से जनरक्षक गाड़ियों की कुल संख्या वर्तमान स्तर से लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे राजमार्गों और शहरी सड़कों पर गश्त बढ़ेगी।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह कदम ट्रैफ़िक दुर्घटनाओं को कम करने और नियमों के पालन को सुदृढ़ करने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नई गाड़ियां बुनियादी संचार उपकरणों से सुसज्जित होंगी और उन जिलों में तैनात की जाएंगी जहाँ सड़क‑संबंधी चोटों की दर अधिक है।
जनरक्षक योजना, जो कुछ साल पहले शुरू हुई थी, प्रशिक्षित स्वयंसेवकों पर निर्भर करती है जो पुलिस को ट्रैफ़िक निगरानी, पैदल यात्रियों का मार्गदर्शन और उल्लंघनों की रिपोर्ट करने में मदद करते हैं। बेड़े का विस्तार करके सरकार इस कार्यक्रम की दृश्यता बढ़ाने और लापरवाह ड्राइविंग को रोकने की उम्मीद करती है।
खरीदारी के लिए फंड राज्य के सड़क‑सुरक्षा बजट से आएगा, और नई गाड़ियों की तैनाती अगले तिमाही में शुरू होने की योजना है। साथ ही, स्वयंसेवकों के लिए पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, ताकि वे इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
यह पहल गुजरात की सार्वजनिक‑सुरक्षा नवाचारों पर निरंतर ध्यान को दर्शाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सड़क‑दुर्घटनाओं को घटाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह कदम ट्रैफ़िक दुर्घटनाओं को कम करने और नियमों के पालन को सुदृढ़ करने के व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नई गाड़ियां बुनियादी संचार उपकरणों से सुसज्जित होंगी और उन जिलों में तैनात की जाएंगी जहाँ सड़क‑संबंधी चोटों की दर अधिक है।
जनरक्षक योजना, जो कुछ साल पहले शुरू हुई थी, प्रशिक्षित स्वयंसेवकों पर निर्भर करती है जो पुलिस को ट्रैफ़िक निगरानी, पैदल यात्रियों का मार्गदर्शन और उल्लंघनों की रिपोर्ट करने में मदद करते हैं। बेड़े का विस्तार करके सरकार इस कार्यक्रम की दृश्यता बढ़ाने और लापरवाह ड्राइविंग को रोकने की उम्मीद करती है।
खरीदारी के लिए फंड राज्य के सड़क‑सुरक्षा बजट से आएगा, और नई गाड़ियों की तैनाती अगले तिमाही में शुरू होने की योजना है। साथ ही, स्वयंसेवकों के लिए पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, ताकि वे इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
यह पहल गुजरात की सार्वजनिक‑सुरक्षा नवाचारों पर निरंतर ध्यान को दर्शाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सड़क‑दुर्घटनाओं को घटाने के लक्ष्य के अनुरूप है।