🔥 TRENDING GST Deputy Commissioner Rajesh Kumar G... Massive Protest Demanding Re-inclusion... સાંતલપુર 66 કેવી સબસ્ટેશનમાં કર્મચારીઓ... जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन: अपनी मांग... पुन्हाना CIA ने 2022 के पुराने मामले म... पोषण ट्रैकर में बिहार में दूसरा स्थान:...
12 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
गोरौल

गोरौल

✍️ Reporter: Prashant Kumar 🗓 12 Oct 2026, 06:15 PM 👁 10
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

प्रखण्ड के सरकारी कार्यालय भवन के अभाव में ,आई टी बिल्डिंग में सिर्फ प्रखण्ड व अंचल।

बिहार राज्य के वैशाली ज़िला अंतर्गत गोरौल प्रखण्ड में सरकारी जमीन सभी विभागों के लिये नही है,बल्कि कुछेक पदाधिकारी के लिये है।गोरौल प्रखण्ड परिसर हाजीपुर मुज़फ़्फ़रपुर एन एच 22 पर अवस्तिथ है।प्रखण्ड के पास सैकड़ो डिसमिल जमीन है,लेकिन विभागीय पेच के कारण सरकारी दफ्तर हो ही कार्यालय चलाने के लिये न कमरा मिल रहा है,नही जमीन उपलब्ध करायी जा रही है।कई ऐसे भवन है जो कचरे रखने का उपयोग के कारण बन्द है।प्रखण्ड परिसर के अधिकतर जमीन बीज गुणक क्षेत्र के नाम से वर्षो से जानी जाती रही है,लेकिन पूर्ब के बीडीओ,सीओ के गलत रिपोर्ट के कारण उक्त जमीन पर जैसे तैसे बाउंड्री निर्माण कर ग्रामीण विकास विभाग के जमीन का हवाला दिया जाने लगा।उक्त प्रखण्ड परिसर में बिहार सरकार द्वारा सूचना प्रोधोगिकी भवन का निर्माण कराया गया।लेकिन उक्त भवन में बीडीओ, सीओ कार्यालय के नाम पर ऐसे पूरे भवन को बाट कर कब्जा कर लिया।बीडीओ के लिये दो कक्ष है दोनों में गर्मी से निजात के लिये ए सी लगाये जा चके है। यानी पदाधिकारी एक कक्ष दो -दोनो में ए सी। जैसे अन्य बिभाग की जरूरत नही है।जिस कक्ष में बैंक खुलना था उसमें बीडीओ का आराम गृह बना दिया गया। हद तो तब देखने को मिलती है।जहाँ कैंटीन खुलना था,उस जगह पर परिचारी का आवास बना दिया गया।पुराने बिल्डिंग के पूर्ब की कागजात को कचरा बनाकर एक कक्ष में ऐसे फेक दिया गया कि पुराने रिकार्ड खुद ख़त्म हो जाये।हलाकि प्रखण्ड परिसर में बीडीओ का आवास भी है,लेकिन विगत वर्षों में लाखों खर्च के बाबजूद कचरा घर बना दिया गया। बीडीओ द्वारा इसी परिसर में बने एक तीन मंजिला बिल्डिंग में दर्जनों पुराने किस्म के ट्राई सायकिल को खराब होने के लिये रखा गया है।साथ ही उक्त भवन को कचरा घर बना दिया गया है।दूसरी ओर ट्राइसेंम भवन को भी कचरा घर बना दिया गया है।कई भवन में पूर्ब के रिकार्ड थोड़ी बहुत मात्रा में रखकर बन्द किया जा चुका है।हलाकि उक्त मामला पूर्ब के बीडीओ उदय कुमार के समय से ही चलते आ रहा है। पूर्ब बीडीओ के समय प्रखण्ड में लाखों रुपये बीडीओ उदय कुमार और तत्कालीन नाजिर सुनील कुमार घोटाला कर चुके है।जिसकी जांच आयुक्त कार्यालय में चल रहा है।हलाकि मामला लम्बित है।कुल मिलाकर प्रखण्ड परिसर में इतने भवन है कि अन्य विभागों का कार्यालय चल सकता है। खासकर बिजली विभाग, नगर पंचायत का कार्यालय भी उक्त परिसर में बने पूर्ब के भवन में चल सकता है।
📲Get App