📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rolexxgamer
अपराध
गैंगस्टर गोल्डी ब्रार ने लीक ऑडियो में कहा, हर्दीप निझर को मार डाला
✍️ NDTV
🗓 23 अग. 2026, 07:40 PM
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एक लीक हुए ऑडियो में स्व-घोषित गैंगस्टर गोल्डी ब्रार ने कहा कि उन्होंने कनाडा में हर्दीप निझर की हत्या की है। अभी तक पुलिस ने कोई पुष्टि नहीं की है।
ऑनलाइन सामने आए एक रिकॉर्डिंग में स्वयं को गैंगस्टर गोल्डी ब्रार बताने वाले व्यक्ति की आवाज़ सुनाई देती है। इस ऑडियो में वह दावा करता है कि उसने कनाडा में रहने वाले हर्दीप निझर की हत्या की। यह क्लिप एनडीटीवी ने रिपोर्ट की है, जिसने पूरी रिकॉर्डिंग नहीं दी लेकिन इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की है। कनाडाई अधिकारियों ने अभी तक इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही किसी औपचारिक जांच की जानकारी दी गई है। यह बयान भारतीय प्रवासी अपराध नेटवर्क से जुड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय अपराधों के बारे में चिंताएँ बढ़ा रहा है।
हर्दीप निझर के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है और उनके परिवार या स्थानीय अधिकारियों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि नहीं की है। कनाडा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ठोस सबूत चाहिए होते हैं, इसलिए इस ऑडियो के आधार पर अभी तक कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस तरह के मामलों को कड़ी नजर से देख रही हैं, क्योंकि इससे राजनयिक संवेदनशीलता जुड़ी हो सकती है।
पहले भी गोल्डी ब्रार को कई हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों से जोड़ा गया है और वह कई देशों में फरार माना जाता है। यदि उसकी इस स्वीकृति की पुष्टि हो जाती है, तो भारतीय और कनाडाई पुलिस के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को फिर से तेज़ी मिल सकती है। वर्तमान में यह दावा अनपुष्ट बना हुआ है और किसी भी जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
हर्दीप निझर के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है और उनके परिवार या स्थानीय अधिकारियों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि नहीं की है। कनाडा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ठोस सबूत चाहिए होते हैं, इसलिए इस ऑडियो के आधार पर अभी तक कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस तरह के मामलों को कड़ी नजर से देख रही हैं, क्योंकि इससे राजनयिक संवेदनशीलता जुड़ी हो सकती है।
पहले भी गोल्डी ब्रार को कई हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों से जोड़ा गया है और वह कई देशों में फरार माना जाता है। यदि उसकी इस स्वीकृति की पुष्टि हो जाती है, तो भारतीय और कनाडाई पुलिस के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को फिर से तेज़ी मिल सकती है। वर्तमान में यह दावा अनपुष्ट बना हुआ है और किसी भी जांच को सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।