स्वास्थ्य
एन एच आर सी के मॉनिटर ने पटना एम्स
पटना एम्स का दौरा ऐन एच आर सी के विशेष मॉनिटर डॉक्टर कन्हैया त्रिपाठी ने पटना एम्स का दौरा किया
फुलवारी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने किया एम्स पटनाएन का किया दौरा का दौरा
पटना, 22 अगस्त 2026
मरीज सिर्फ एक केस नहीं बल्कि संवेदनाओं से जुड़ा एक इंसान है। इसी मानवीय सोच के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने शनिवार को एम्स पटना का दौरा किया और संस्थान में मानवाधिकार, मरीजों की सुविधाओं, शिकायत निवारण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
इस दौरान डॉ. त्रिपाठी ने मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों को संवेदनशीलता, धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुनने और उनका समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता केवल इलाज तक सीमित नहीं है बल्कि मरीज को सम्मान, गरिमा और भरोसा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में डॉक्टरों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच मानवाधिकार जागरूकता और समझ को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। संस्थान की कार्यप्रणाली में लैंगिक समानता और मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण को और प्रभावी ढंग से शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
डॉ. त्रिपाठी ने एम्स पटना में एक मानवाधिकार प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स स्टूडेंट्स क्लब शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य युवाओं में अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना होगा।
बैठक में मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया। इसके तहत मानवाधिकार सत्र, संगोष्ठी, परिचर्चा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से “अधिकारों को जानें, सम्मान करें और दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करें का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
मानवाधिकार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन ह्यूमन राइट्स शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया गया। साथ ही मानवाधिकारों से जुड़े शोध पत्र और अकादमिक कार्य एनएचआरसी के साथ साझा कर ज्ञान और अनुभव के आदान प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही गई।
डॉ. त्रिपाठी ने साइबर हाइजीन और साइबर सिक्योरिटी को भी मानवाधिकारों और संस्थागत जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मरीजों और संस्थान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वेबसाइट पर आवश्यक और उपयोगी आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एम्स पटना और एनएचआरसी के बीच सहयोग को और मजबूत करने और एक दूसरे की अच्छी कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा राज्य मानवाधिकार आयोग के साथ समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. त्रिपाठी का दौरा एम्स पटना के लिए इलाज के साथ इंसानियत, सेवा के साथ संवेदनशीलता और स्वास्थ्य के साथ मानव गरिमा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।
डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने किया एम्स पटनाएन का किया दौरा का दौरा
पटना, 22 अगस्त 2026
मरीज सिर्फ एक केस नहीं बल्कि संवेदनाओं से जुड़ा एक इंसान है। इसी मानवीय सोच के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने शनिवार को एम्स पटना का दौरा किया और संस्थान में मानवाधिकार, मरीजों की सुविधाओं, शिकायत निवारण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
इस दौरान डॉ. त्रिपाठी ने मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों को संवेदनशीलता, धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुनने और उनका समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता केवल इलाज तक सीमित नहीं है बल्कि मरीज को सम्मान, गरिमा और भरोसा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में डॉक्टरों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच मानवाधिकार जागरूकता और समझ को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। संस्थान की कार्यप्रणाली में लैंगिक समानता और मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण को और प्रभावी ढंग से शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
डॉ. त्रिपाठी ने एम्स पटना में एक मानवाधिकार प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स स्टूडेंट्स क्लब शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य युवाओं में अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना होगा।
बैठक में मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया। इसके तहत मानवाधिकार सत्र, संगोष्ठी, परिचर्चा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से “अधिकारों को जानें, सम्मान करें और दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करें का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
मानवाधिकार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन ह्यूमन राइट्स शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया गया। साथ ही मानवाधिकारों से जुड़े शोध पत्र और अकादमिक कार्य एनएचआरसी के साथ साझा कर ज्ञान और अनुभव के आदान प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही गई।
डॉ. त्रिपाठी ने साइबर हाइजीन और साइबर सिक्योरिटी को भी मानवाधिकारों और संस्थागत जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मरीजों और संस्थान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वेबसाइट पर आवश्यक और उपयोगी आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एम्स पटना और एनएचआरसी के बीच सहयोग को और मजबूत करने और एक दूसरे की अच्छी कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा राज्य मानवाधिकार आयोग के साथ समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. त्रिपाठी का दौरा एम्स पटना के लिए इलाज के साथ इंसानियत, सेवा के साथ संवेदनशीलता और स्वास्थ्य के साथ मानव गरिमा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।