📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
देश
विकलांगता आयुक्त निजी भूमि विवादों का निपटारा नहीं कर सकते: गुजरात HC
✍️ Live Law
🗓 01 जुल. 2026, 11:45 PM
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गुजरात उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि राज्य विकलांगता आयुक्त के पास निजी व्यक्तियों के बीच भूमि विवादों का निर्णय करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आयुक्त का अधिकार क्षेत्र केवल विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और सुविधाओं से संबंधित मामलों तक सीमित है।
गुजरात उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य विकलांगता आयुक्त के पास निजी पक्षों के बीच उत्पन्न होने वाले भूमि विवादों का निर्णय करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस महत्वपूर्ण फैसले से आयुक्त कार्यालय के विशिष्ट जनादेश पर प्रकाश पड़ता है।
उच्च न्यायालय के निर्णय इस बात पर जोर देता है कि आयुक्त की शक्तियां संबंधित कानून के अनुसार विकलांग व्यक्तियों को प्रदान किए गए अधिकारों, कल्याण और सुविधाओं से सीधे संबंधित मामलों तक ही सीमित हैं। निजी नागरिकों के बीच संपत्ति विवादों का निर्णय इस परिभाषित दायरे से बाहर है।
यह न्यायिक निर्णय वैधानिक प्राधिकरणों को उन क्षेत्रों में अतिक्रमण करने से रोकने के उद्देश्य से है जो उनके अधिकार क्षेत्र के लिए निर्दिष्ट नहीं हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक प्राधिकरण अपनी निर्धारित कानूनी सीमाओं के भीतर कार्य करे। यह फैसला राज्य विकलांगता आयुक्त की कार्यात्मक सीमाओं पर स्पष्टता प्रदान करता है।
उच्च न्यायालय के निर्णय इस बात पर जोर देता है कि आयुक्त की शक्तियां संबंधित कानून के अनुसार विकलांग व्यक्तियों को प्रदान किए गए अधिकारों, कल्याण और सुविधाओं से सीधे संबंधित मामलों तक ही सीमित हैं। निजी नागरिकों के बीच संपत्ति विवादों का निर्णय इस परिभाषित दायरे से बाहर है।
यह न्यायिक निर्णय वैधानिक प्राधिकरणों को उन क्षेत्रों में अतिक्रमण करने से रोकने के उद्देश्य से है जो उनके अधिकार क्षेत्र के लिए निर्दिष्ट नहीं हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक प्राधिकरण अपनी निर्धारित कानूनी सीमाओं के भीतर कार्य करे। यह फैसला राज्य विकलांगता आयुक्त की कार्यात्मक सीमाओं पर स्पष्टता प्रदान करता है।