📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tanweer Morshed
धर्म
मोहरी में शिवालयों में उमड़ी आस्था, 'हर‑हर महादेव' की गूँज
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 25 अग. 2026, 02:48 AM
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हजारों श्रद्धालुओं ने मोहरी के शिवालयों में एकत्रित होकर 'हर‑हर महादेव' के जयकारों से मंदिरों को गूँजते हुए भर दिया।
मोहरी के विभिन्न शिवालयों में शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे "हर‑हर महादेव" की लयबद्ध जयकार पूरे परिसर में गूँज उठी। सभी उम्र के लोग मंदिर में प्रवेश कर धूप, फूल और धूपबत्ती अर्पित करते हुए अपने आस्था का प्रदर्शन कर रहे थे।
मंदिर के अंदर का माहौल अत्यंत भावनात्मक था; मुख्य गर्भगृह से लेकर बाहरी प्रांगण तक जयकार की गूँज सुनाई देती रही, जिससे और अधिक लोग इस सामूहिक प्रार्थना में शामिल हो गए। सामान्य सप्ताहांत की तुलना में उपस्थित लोगों की संख्या उल्लेखनीय रूप से अधिक थी, जो शहर में बढ़ती आध्यात्मिक भावना को दर्शाती है।
स्थानीय मंदिर समितियों ने बताया कि इस सभा का आयोजन सामुदायिक समूहों द्वारा स्वेच्छा से किया गया था, जिसमें किसी राजनीतिक या सरकारी हस्तक्षेप का कोई संकेत नहीं मिला। यह घटना पंजाब में शिव पूजा के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करती है और सामाजिक बंधनों को मजबूत करने वाले धार्मिक सम्मेलनों की प्रवृत्ति को दर्शाती है।
नगर निगम के अधिकारियों ने भीड़ की सुरक्षा और मंदिरों के आसपास के यातायात को सुगम रखने के लिए निगरानी रखी, पर कोई व्यवधान नहीं हुआ। अंतिम जयकार के बाद श्रद्धालु शांति से मंदिरों से विदा हुए, जिससे धूप की धुंध में एक शांति का माहौल बना रहा।
मंदिर के अंदर का माहौल अत्यंत भावनात्मक था; मुख्य गर्भगृह से लेकर बाहरी प्रांगण तक जयकार की गूँज सुनाई देती रही, जिससे और अधिक लोग इस सामूहिक प्रार्थना में शामिल हो गए। सामान्य सप्ताहांत की तुलना में उपस्थित लोगों की संख्या उल्लेखनीय रूप से अधिक थी, जो शहर में बढ़ती आध्यात्मिक भावना को दर्शाती है।
स्थानीय मंदिर समितियों ने बताया कि इस सभा का आयोजन सामुदायिक समूहों द्वारा स्वेच्छा से किया गया था, जिसमें किसी राजनीतिक या सरकारी हस्तक्षेप का कोई संकेत नहीं मिला। यह घटना पंजाब में शिव पूजा के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करती है और सामाजिक बंधनों को मजबूत करने वाले धार्मिक सम्मेलनों की प्रवृत्ति को दर्शाती है।
नगर निगम के अधिकारियों ने भीड़ की सुरक्षा और मंदिरों के आसपास के यातायात को सुगम रखने के लिए निगरानी रखी, पर कोई व्यवधान नहीं हुआ। अंतिम जयकार के बाद श्रद्धालु शांति से मंदिरों से विदा हुए, जिससे धूप की धुंध में एक शांति का माहौल बना रहा।