📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Water Resources, River Development and
स्थानीय
दिल्ली को 2047 तक 1,600 एमजीडी पानी की कमी, पड़ोसी राज्यों पर निर्भर
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 18 अग. 2026, 04:47 AM
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दिल्ली की मास्टर योजना के अनुसार 2047 तक जनसंख्या 3.2 करोड़ होगी, जिससे 1,600 एमजीडी पानी की मांग होगी और शहर को पड़ोसी राज्यों पर निर्भर होना पड़ेगा। यह अनुमानित कमी तात्कालिक जल प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता को दर्शाती है।
दिल्ली की मास्टर योजना के अनुसार 2047 तक शहर की आबादी लगभग 32 मिलियन हो जाएगी, जिससे मौजूदा जल आपूर्ति पर भारी दबाव पड़ेगा।
अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए शहर को लगभग 1,600 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता होगी, जो वर्तमान आपूर्ति स्तरों से कहीं अधिक है।
स्थानीय स्रोत अपर्याप्त होने के कारण दिल्ली को हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे नई तार्किक और राजनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल संरक्षण, नई स्रोत परियोजनाएँ और बेहतर अवसंरचना के बिना दिल्ली को आने वाले दशकों में गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा।
अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए शहर को लगभग 1,600 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता होगी, जो वर्तमान आपूर्ति स्तरों से कहीं अधिक है।
स्थानीय स्रोत अपर्याप्त होने के कारण दिल्ली को हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे नई तार्किक और राजनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल संरक्षण, नई स्रोत परियोजनाएँ और बेहतर अवसंरचना के बिना दिल्ली को आने वाले दशकों में गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा।