📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christopher Michel
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मुख्य न्यायाधीश ने लेह में लद्दाख हाई कोर्ट बेंच का उद्घाटन, LG ने कहा ऐतिहासिक मील का पत्थर
✍️ Nagaland Post
🗓 20 अक्टू. 2026, 03:02 AM
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मुख्य न्यायाधीश ने लेह में लद्दाख हाई कोर्ट की नई बेंच का उद्घाटन किया, जिससे यूटी के लिए पहला स्थायी न्यायिक केंद्र बना। उपराज्यपाल ने इसे ऐतिहासिक मील का पत्थर कहा।
नई दिल्ली – भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सोमवार को लेह में लद्दाख हाई कोर्ट की नई बेंच का औपचारिक उद्घाटन किया, जिससे यूनीयन टेरिटरी को पहला स्थायी उच्च न्यायालय मिला। इस समारोह में वरिष्ठ न्यायाधीश, यूटी के अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे। CJI ने अपने संबोधन में कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है और बेंच के शीघ्र संचालन का आश्वासन दिया।
लद्दाख के उपराज्यपाल ने इस उद्घाटन को "ऐतिहासिक मील का पत्थर" कहा और बताया कि नई बेंच के कारण litigants को अन्य हाई कोर्टों तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे न्याय की डिलीवरी में सुधार होगा।
नवीन बेंच प्रारम्भ में लद्दाख के भीतर सिविल और आपराधिक मामलों को सुनाएगी, और केस लोड बढ़ने पर इसकी अधिकारिता का विस्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बेंच के लिए आवश्यक स्टाफ और न्यायाधीश पहले ही नियुक्त हो चुके हैं और यह कुछ हफ्तों में पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी।
यह कदम देश के दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में न्यायिक उपस्थिति को सुदृढ़ करने के केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
लद्दाख के उपराज्यपाल ने इस उद्घाटन को "ऐतिहासिक मील का पत्थर" कहा और बताया कि नई बेंच के कारण litigants को अन्य हाई कोर्टों तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे न्याय की डिलीवरी में सुधार होगा।
नवीन बेंच प्रारम्भ में लद्दाख के भीतर सिविल और आपराधिक मामलों को सुनाएगी, और केस लोड बढ़ने पर इसकी अधिकारिता का विस्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बेंच के लिए आवश्यक स्टाफ और न्यायाधीश पहले ही नियुक्त हो चुके हैं और यह कुछ हफ्तों में पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी।
यह कदम देश के दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में न्यायिक उपस्थिति को सुदृढ़ करने के केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।