📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum
राजनीति
चिदंबरम ने कहा, वर्तमान नियम 1991 से भी बदतर, मनमोहन सिंह नहीं बचा पाएंगे अर्थव्यवस्था
✍️ India Today
🗓 21 अग. 2026, 11:42 PM
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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेतावनी दी कि आज के नियम 1991 से भी कड़े हैं और अब मनमोहन सिंह नहीं बचा पाएंगे अर्थव्यवस्था को।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने वर्तमान नियामक माहौल की आलोचना की, यह कहा कि यह 1991 के नियमों से अधिक प्रतिबंधात्मक है। उनका मानना है कि मौजूदा नियमों से विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है और व्यवसायों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है।
चिदंबरम ने यह भी बताया कि मनमोहन सिंह जैसे नेता की अनुपस्थिति है, जिन्होंने पहले आर्थिक कठिनाइयों में देश को संभाला था। उनके अनुसार, ऐसे नेतृत्व के बिना वर्तमान आर्थिक चुनौतियों को पार करना कठिन होगा।
यह टिप्पणी भारत टुडे के साथ हालिया साक्षात्कार में की गई, जहाँ चिदंबरम ने निवेश और विश्वास को पुनर्जीवित करने के लिए नीति सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मौजूदा नियमों की समीक्षा करके उन्हें विकास के अनुकूल बनाने का आह्वान किया।
आर्थिक विशेषज्ञों ने भी बताया है कि नियामक कठोरता से घरेलू और विदेशी निवेशकों दोनों को हतोत्साहित किया जा सकता है, जो चिदंबरम के विचारों के समान है। उन्होंने सरकार से अधिक व्यवसाय‑मित्रवत दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
रिपोर्टिंग के समय तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
चिदंबरम ने यह भी बताया कि मनमोहन सिंह जैसे नेता की अनुपस्थिति है, जिन्होंने पहले आर्थिक कठिनाइयों में देश को संभाला था। उनके अनुसार, ऐसे नेतृत्व के बिना वर्तमान आर्थिक चुनौतियों को पार करना कठिन होगा।
यह टिप्पणी भारत टुडे के साथ हालिया साक्षात्कार में की गई, जहाँ चिदंबरम ने निवेश और विश्वास को पुनर्जीवित करने के लिए नीति सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मौजूदा नियमों की समीक्षा करके उन्हें विकास के अनुकूल बनाने का आह्वान किया।
आर्थिक विशेषज्ञों ने भी बताया है कि नियामक कठोरता से घरेलू और विदेशी निवेशकों दोनों को हतोत्साहित किया जा सकता है, जो चिदंबरम के विचारों के समान है। उन्होंने सरकार से अधिक व्यवसाय‑मित्रवत दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
रिपोर्टिंग के समय तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।