📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Balram0111
राजनीति
गोवा में वंदे मातरम् विवाद पर बीजेपी ने कांग्रेस को किया निशाना
✍️ Daily Pioneer
🗓 20 अग. 2026, 03:37 AM
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भाजपा ने गोवा में वंदे मातरम् मुद्दे को उठाने पर कांग्रेस की आलोचना की, इसे राजनीतिक चाल कहा।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गोवा में वंदे मातरम् को लेकर उठाए गए विवाद पर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस इस राष्ट्रीय गीत को राजनीतिक लाभ के लिये इस्तेमाल कर रही है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ेगा और विकास के मुद्दों से ध्यान हटेगा।
बीजेपी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि वंदे मातरम् को राजनीतिक उपकरण बनाना देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध है, क्योंकि यह गीत संविधान द्वारा मान्य है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह सांस्कृतिक प्रतीकों पर विवाद करने के बजाय शासन कार्यों पर ध्यान दे।
कांग्रेस ने पहले गोवा में स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के प्रयोग को लेकर चिंता जताई थी, पर इस रिपोर्ट में उसकी विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इस पर बीजेपी ने कहा कि यह कदम दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच सांस्कृतिक एवं पहचान संबंधी मुद्दों को लेकर बढ़ती टकराव को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक प्रतीकों को राजनीति में उपयोग करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में दोनों पक्ष इस मुद्दे को अपने प्रचार में शामिल कर सकते हैं।
बीजेपी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि वंदे मातरम् को राजनीतिक उपकरण बनाना देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध है, क्योंकि यह गीत संविधान द्वारा मान्य है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह सांस्कृतिक प्रतीकों पर विवाद करने के बजाय शासन कार्यों पर ध्यान दे।
कांग्रेस ने पहले गोवा में स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के प्रयोग को लेकर चिंता जताई थी, पर इस रिपोर्ट में उसकी विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इस पर बीजेपी ने कहा कि यह कदम दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच सांस्कृतिक एवं पहचान संबंधी मुद्दों को लेकर बढ़ती टकराव को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक प्रतीकों को राजनीति में उपयोग करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में दोनों पक्ष इस मुद्दे को अपने प्रचार में शामिल कर सकते हैं।