📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
जीवनशैली
बिहार की चापा कला विवाह परंपराओं से आगे बढ़ी
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 14 सित. 2026, 07:06 AM
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बिहार की पारंपरिक चापा कला, जो विवाह के परिधानों में जटिल डिज़ाइन के लिए जानी जाती है, अब घर सजावट और फैशन जैसे अन्य क्षेत्रों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए पहचान बना रही है।
बिहार के कारीगरों ने लंबे समय से चापा कला को अभ्यास में लाया है, जो कपड़े पर नाजुक पैटर्न बनाने की हस्तकला है, पारंपरिक रूप से दुल्हन के परिधान और समारोहवासी कपड़ों में प्रयोग की जाती है।
हाल के दिनों में, इस कला को cushion covers, wall hangings और समकालीन कपड़ों जैसे विविध उत्पादों में अनुकूलित किया जा रहा है, जिससे इसकी शादी बाजार से परे संभावना दिखती है।
इस व्यापक सराहना से कारीगरों के कौशल पर प्रकाश पड़ता है और कला के संरक्षण तथा आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलते हैं।
हाल के दिनों में, इस कला को cushion covers, wall hangings और समकालीन कपड़ों जैसे विविध उत्पादों में अनुकूलित किया जा रहा है, जिससे इसकी शादी बाजार से परे संभावना दिखती है।
इस व्यापक सराहना से कारीगरों के कौशल पर प्रकाश पड़ता है और कला के संरक्षण तथा आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलते हैं।