📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
राजनीति
बिहार सीएम के ‘नो अपराध’ बयान पर विवाद, चिराग पासवान ने शून्य अपराध की मांग की
✍️ India Today
🗓 04 नव. 2026, 07:02 PM
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वायरल ‘नो अपराध’ बयान को आलोचना का सामना करना पड़ा, जबकि जेडीयू सांसद चिराग पासवान ने राज्य में अपराध को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया बयान में उन्होंने कहा कि राज्य में "नो अपराध" है, यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई और विपक्षी नेताओं व नागरिक समूहों से तीखी आलोचना का सामना कर रही है। आलोचकों का कहना है कि यह बयान राज्य में जारी अपराधों को कम करके आंकता है और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों में जनता का भरोसा घटा सकता है।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप जेडीयू सांसद चिराग पासवान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपराध को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की, और राज्य सरकार से पुलिसिंग व न्यायिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। पासवान ने हाल में हुए कुछ हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों को बताया, जो उनके अनुसार मुख्यमंत्री के बयान के विपरीत हैं।
यह विवाद बिहार में कानून व्यवस्था पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर कर रहा है, जहाँ विपक्षी दल अपराध आँकड़ों की पारदर्शी समीक्षा और अपराधियों की त्वरित सजा की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी तक इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि जबकि मुख्यमंत्री का उद्देश्य भरोसा जताना हो सकता है, इस पर प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि अपराध‑संबंधी मुद्दे बिहार में अत्यंत संवेदनशील हैं, जहाँ सार्वजनिक सुरक्षा चुनावी मुद्दा भी है।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप जेडीयू सांसद चिराग पासवान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपराध को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की, और राज्य सरकार से पुलिसिंग व न्यायिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। पासवान ने हाल में हुए कुछ हाई‑प्रोफ़ाइल मामलों को बताया, जो उनके अनुसार मुख्यमंत्री के बयान के विपरीत हैं।
यह विवाद बिहार में कानून व्यवस्था पर व्यापक चर्चा को फिर से उजागर कर रहा है, जहाँ विपक्षी दल अपराध आँकड़ों की पारदर्शी समीक्षा और अपराधियों की त्वरित सजा की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी तक इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि जबकि मुख्यमंत्री का उद्देश्य भरोसा जताना हो सकता है, इस पर प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि अपराध‑संबंधी मुद्दे बिहार में अत्यंत संवेदनशील हैं, जहाँ सार्वजनिक सुरक्षा चुनावी मुद्दा भी है।