📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Bhandari678RCB
अपराध
2017 पुलिस हमले के मामले में 27 देरा सच़ा सौदा अनुयायियों को बरी किया
✍️ NDTV
🗓 22 अग. 2026, 07:39 AM
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एक अदालत ने 2017 में हुई पुलिस टकराव से जुड़े 27 देरा सच़ा सौदा अनुयायियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया, क्योंकि सबूत अपर्याप्त पाए गए।
अदालत ने देरा सच़ा सौदा संगठन के सताईस अनुयायियों को 2017 की पुलिस टकराव से जुड़े सभी आरोपों से बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने आरोपित अपराधों को सिद्ध करने के लिये पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका, इसलिए न्यायालय ने उन्हें निरपराध ठहराया।
2017 की घटना में पुलिस और देरा अनुयायियों के बीच हिंसक टकराव हुआ था, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और लंबी कानूनी लड़ाई छिड़ गई। इस मामले को देरा के उच्च प्रोफ़ाइल होने और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण विशेष ध्यान मिला था।
निर्णय में न्यायालय ने जांच में मौजूद खामियों को उजागर किया, यह कहा कि कई गवाहियों में विरोधाभास था और फोरेंसिक सबूतों की कमी थी। इस कारण अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादास्पद मामलों में साक्ष्य की कमी से मुकदमे की सफलता कठिन हो जाती है। देरा सच़ा सौदा के नेतृत्व ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, पर यह राय दी जा रही है कि यह फैसला उनके अनुयायियों के लिए एक प्रकार की न्यायसंगत राहत है।
2017 की घटना में पुलिस और देरा अनुयायियों के बीच हिंसक टकराव हुआ था, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और लंबी कानूनी लड़ाई छिड़ गई। इस मामले को देरा के उच्च प्रोफ़ाइल होने और राजनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण विशेष ध्यान मिला था।
निर्णय में न्यायालय ने जांच में मौजूद खामियों को उजागर किया, यह कहा कि कई गवाहियों में विरोधाभास था और फोरेंसिक सबूतों की कमी थी। इस कारण अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादास्पद मामलों में साक्ष्य की कमी से मुकदमे की सफलता कठिन हो जाती है। देरा सच़ा सौदा के नेतृत्व ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, पर यह राय दी जा रही है कि यह फैसला उनके अनुयायियों के लिए एक प्रकार की न्यायसंगत राहत है।