📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Bureau India Prime Minister's Of
विदेश
नई दिल्ली में 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज शुरू
✍️ DD News
🗓 30 अक्टू. 2026, 01:01 AM
👁 23
नई दिल्ली में आज 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हुआ, जहाँ ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने सहयोग पर चर्चा की।
नई दिल्ली ने गुरुवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जहाँ ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि भारत की अध्यक्षता में एकत्र हुए।
समिट के एजेंडा में आर्थिक सहयोग को गहरा करना, व्यापार‑निवेश को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्रों में समन्वय पर चर्चा शामिल है। वरिष्ठ मंत्रियों और राष्ट्रप्रमुखों से इन विषयों पर समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद है।
आयोजन दो दिन तक चलेगा, जिसमें मुख्य सत्र, द्विपक्षीय बैठकें और विभिन्न सहायक कार्यक्रम शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया, उसके बाद प्रत्येक नेता ने अपने‑अपने प्राथमिकताओं को बताया।
राष्ट्रीय प्रसारकों, विशेषकर डी.डी. न्यूज, ने इस शिखर सम्मेलन को व्यापक रूप से कवरेज दिया, यह संकेत देते हुए कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैश्विक शासन में प्रभाव बढ़ाने का मंच बनना चाहता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस समिट के परिणाम व्यापार पैटर्न और बहुपक्षीय सहयोग को आकार दे सकते हैं, विशेषकर जब समूह भू‑राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया की तलाश में है।
समिट के एजेंडा में आर्थिक सहयोग को गहरा करना, व्यापार‑निवेश को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्रों में समन्वय पर चर्चा शामिल है। वरिष्ठ मंत्रियों और राष्ट्रप्रमुखों से इन विषयों पर समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद है।
आयोजन दो दिन तक चलेगा, जिसमें मुख्य सत्र, द्विपक्षीय बैठकें और विभिन्न सहायक कार्यक्रम शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया, उसके बाद प्रत्येक नेता ने अपने‑अपने प्राथमिकताओं को बताया।
राष्ट्रीय प्रसारकों, विशेषकर डी.डी. न्यूज, ने इस शिखर सम्मेलन को व्यापक रूप से कवरेज दिया, यह संकेत देते हुए कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैश्विक शासन में प्रभाव बढ़ाने का मंच बनना चाहता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस समिट के परिणाम व्यापार पैटर्न और बहुपक्षीय सहयोग को आकार दे सकते हैं, विशेषकर जब समूह भू‑राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया की तलाश में है।