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29 सित. 2026•
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राजनीति

यूपी की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच, छह शहरों में बनेंगे ‘परंपरा केंद्र’

✍️ रिपोर्टर: Pankaj Gupta 🗓 29 सित. 2026, 07:28 PM 👁 9
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लोककला, हस्तशिल्प, पारंपरिक संगीत और स्थानीय व्यंजनों को मिलेगा बढ़ावा; धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला, परंपराओं और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के छह अलग-अलग शहरों में ‘परंपरा केंद्र’ विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
प्रस्तावित परंपरा केंद्रों में संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय खानपान, लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय जीवनशैली को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को करीब से समझने और अनुभव करने का मौका मिलेगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाना तथा स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और छोटे कारोबारियों को भी नए अवसर उपलब्ध कराना है। परंपरा केंद्र स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस पहल से उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की विशिष्ट पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने की उम्मीद है।
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