📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Reeturajesh
कृषि
हिमालयी जंगली मसाला अरुणाचल में ग्रामीण आय बढ़ा रहा
✍️ News18
🗓 21 अग. 2026, 07:08 AM
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हिमालयी जंगली मसाला अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीणों के लिए आय का नया स्रोत बन रहा है, जैसा कि न्यूज़18 ने बताया।
अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में एक जंगली हिमालयी मसाला का प्राकृतिक रूप से उगने वाला पौधा स्थानीय लोगों के लिए आय का नया स्रोत बन रहा है। इस मसाले की विशिष्ट खुशबू और औषधीय गुणों के कारण इसे देश के विशेष खाद्य बाजारों में मांग मिल रही है।
पर्याप्त आय न मिलने वाले कई परिवारों ने अब इस मसाले के मौसमी संग्रह से अतिरिक्त आय अर्जित करना शुरू कर दिया है। सामुदायिक समूहों के अनुसार, इस अतिरिक्त आय से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं और घर की जरूरतों में सुधार हुआ है।
राज्य के कृषि अधिकारी और गैर‑सरकारी संगठनों ने सतत् संग्रहण के लिए बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया है, ताकि पौधे का अत्यधिक दोहन न हो। शुरुआती बाजार मूल्य संकेत देते हैं कि यह मसाला प्रीमियम कीमत पर बिक रहा है, जिससे यह क्षेत्र के वन‑निर्भर समुदायों के लिए दीर्घकालिक आजीविका बन सकता है।
अभी यह पहल प्रारम्भिक चरण में है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला को विस्तारित करने से प्रसंस्करण से लेकर खुदरा तक रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं, जिससे अरुणाचल प्रदेश भारत के उभरते निच‑स्पाइस बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है।
पर्याप्त आय न मिलने वाले कई परिवारों ने अब इस मसाले के मौसमी संग्रह से अतिरिक्त आय अर्जित करना शुरू कर दिया है। सामुदायिक समूहों के अनुसार, इस अतिरिक्त आय से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं और घर की जरूरतों में सुधार हुआ है।
राज्य के कृषि अधिकारी और गैर‑सरकारी संगठनों ने सतत् संग्रहण के लिए बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया है, ताकि पौधे का अत्यधिक दोहन न हो। शुरुआती बाजार मूल्य संकेत देते हैं कि यह मसाला प्रीमियम कीमत पर बिक रहा है, जिससे यह क्षेत्र के वन‑निर्भर समुदायों के लिए दीर्घकालिक आजीविका बन सकता है।
अभी यह पहल प्रारम्भिक चरण में है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला को विस्तारित करने से प्रसंस्करण से लेकर खुदरा तक रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं, जिससे अरुणाचल प्रदेश भारत के उभरते निच‑स्पाइस बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है।