📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pankaj Oudhia
स्थानीय
कान्हा रिज़र्व में 100 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी, 3 साल में 50 लाने का लक्ष्य
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 11 अक्टू. 2026, 08:46 PM
👁 12
एक सदी से गायब जंगली भैंसों को कान्हा टाइगर रिज़र्व के सूपखार क्षेत्र में फिर से लाया जाएगा, तीन साल में 50 भैंसों का लक्ष्य रखा गया है।
मध्य प्रदेश वन विभाग ने कान्हा टाइगर रिज़र्व के सूपखार क्षेत्र में जंगली भैंस (Bubalus arnee) को फिर से स्थापित करने के लिए एक ठोस कदम उठाया है, जो लगभग 100 साल पहले इस क्षेत्र से गायब हो गई थीं। यह पहल रिज़र्व की ऐतिहासिक जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
योजना के तहत अगले तीन सालों में कुल पचास स्वस्थ भैंसों को विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों से स्थानांतरित किया जाएगा। इनका पहले अभ्यस्त करने की प्रक्रिया होगी, जिसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
पर्यावरणविद् इस कदम की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि बड़े शाकाहारी पशु घास के मैदानों को समृद्ध बनाते हैं और बाघ व तेंदुए जैसे शिकारियों के लिए अतिरिक्त शिकार उपलब्ध कराते हैं। निगरानी दल भैंसों की अनुकूलन और स्वास्थ्य स्थिति को लगातार ट्रैक करेंगे ताकि पुनर्स्थापना सफल हो सके।
यदि लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो कान्हा फिर से जंगली भैंसों की समृद्ध झुंडी का घर बन सकता है, जो एक सदी पहले के इस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाएगा।
योजना के तहत अगले तीन सालों में कुल पचास स्वस्थ भैंसों को विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों से स्थानांतरित किया जाएगा। इनका पहले अभ्यस्त करने की प्रक्रिया होगी, जिसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
पर्यावरणविद् इस कदम की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि बड़े शाकाहारी पशु घास के मैदानों को समृद्ध बनाते हैं और बाघ व तेंदुए जैसे शिकारियों के लिए अतिरिक्त शिकार उपलब्ध कराते हैं। निगरानी दल भैंसों की अनुकूलन और स्वास्थ्य स्थिति को लगातार ट्रैक करेंगे ताकि पुनर्स्थापना सफल हो सके।
यदि लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो कान्हा फिर से जंगली भैंसों की समृद्ध झुंडी का घर बन सकता है, जो एक सदी पहले के इस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाएगा।