📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
स्वास्थ्य
पश्चिम बंगाल में 1.1 लाख पंजीकृत डॉक्टरों की योग्यता पुनः जांच
✍️ Medical Dialogues
🗓 07 नव. 2026, 06:00 PM
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पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग राज्य में कार्यरत लगभग 1.1 लाख डॉक्टरों की योग्यता व पंजीकरण की नई जाँच करेगा।
कोलकाता, 7 नवंबर — पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के लगभग 1.1 लाख पंजीकृत डॉक्टरों की योग्यता की पुनः जाँच करने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी चिकित्सकों के पास मान्य डिग्री, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया‑संबद्ध पंजीकरण और कोई लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई न हो।
अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों को एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी डिग्री, पंजीकरण प्रमाणपत्र और विशेषता डिप्लोमा की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। एक समर्पित टीम इन दस्तावेज़ों को विश्वविद्यालय रिकॉर्ड और काउंसिल के डेटाबेस से मिलान करेगी। दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि दिसंबर के अंत तक निर्धारित की गई है, उसके बाद अनुपालन न करने वाले डॉक्टरों की पंजीकरण को निलंबित किया जा सकता है।
यह पहल रोगी अधिकार समूहों द्वारा ग्रामीण क्लीनिकों में अयोग्य चिकित्सकों की मौजूदगी को लेकर उठाए गए चिंताओं के जवाब में ली गई है। मानक को सख्त करके राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में भरोसा बढ़ाने और दुराचार को रोकने की आशा रखता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित नहीं बल्कि पूरे पेशे में समान मानक स्थापित करने के लिए है। विभाग सार्वजनिक को साफ़-सुथरी जानकारी देने हेतु स्वीकृत डॉक्टरों की सूची स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा।
अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों को एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी डिग्री, पंजीकरण प्रमाणपत्र और विशेषता डिप्लोमा की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। एक समर्पित टीम इन दस्तावेज़ों को विश्वविद्यालय रिकॉर्ड और काउंसिल के डेटाबेस से मिलान करेगी। दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि दिसंबर के अंत तक निर्धारित की गई है, उसके बाद अनुपालन न करने वाले डॉक्टरों की पंजीकरण को निलंबित किया जा सकता है।
यह पहल रोगी अधिकार समूहों द्वारा ग्रामीण क्लीनिकों में अयोग्य चिकित्सकों की मौजूदगी को लेकर उठाए गए चिंताओं के जवाब में ली गई है। मानक को सख्त करके राज्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में भरोसा बढ़ाने और दुराचार को रोकने की आशा रखता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित नहीं बल्कि पूरे पेशे में समान मानक स्थापित करने के लिए है। विभाग सार्वजनिक को साफ़-सुथरी जानकारी देने हेतु स्वीकृत डॉक्टरों की सूची स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा।