📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
सरकारी योजना
पश्चिम बंगाल ने 2.5 लाख सीएए आवेदकों को 31 दिसंबर तक नागरिकता देने का वादा किया
✍️ India Today
🗓 01 नव. 2026, 05:02 PM
👁 19
पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि वह 31 दिसंबर तक 2.5 लाख सीएए आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करेगी।
कोलकाता, 1 नवंबर — पश्चिम बंगाल सरकार ने बताया कि वह 31 दिसंबर तक 2.5 लाख योग्य सीएए आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी कर देगी। यह जानकारी राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी बयान में दी गई है, जिसमें कहा गया कि यह समय‑सीमा केंद्र सरकार की दिशा‑निर्देशों के अनुरूप है।
अधिकारी बताते हैं कि प्रक्रिया में दस्तावेज़ों की जाँच, पृष्ठभूमि जांच और राज्य के सीएए सेल द्वारा अंतिम स्वीकृति शामिल है। कार्यभार को तेज़ करने के लिए जिलों में अतिरिक्त सत्यापन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे समय‑सीमा पूरी हो सके और सटीकता बनी रहे।
यह कदम 2019 में कानून के लागू होने के बाद से लंबित आवेदन की बेक़ी को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। जबकि सीएए राष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद बना हुआ है, पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि यह केवल केंद्र की नीति को लागू कर रही है, जिसका लक्ष्य पड़ोसी देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करना है।
नागरिक समाज समूहों ने प्रक्रिया में पारदर्शिता और आवेदकों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है। राज्य ने प्रमाणपत्र जारी करने की संख्या पर समय‑समय पर अपडेट प्रकाशित करने का वादा किया है।
यदि निर्धारित समय‑सीमा पूरी हो जाती है, तो पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने सीएए पंजीकरण अभियान समाप्त कर लिया है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर इस कानून के कार्यान्वयन पर चर्चा प्रभावित हो सकती है।
अधिकारी बताते हैं कि प्रक्रिया में दस्तावेज़ों की जाँच, पृष्ठभूमि जांच और राज्य के सीएए सेल द्वारा अंतिम स्वीकृति शामिल है। कार्यभार को तेज़ करने के लिए जिलों में अतिरिक्त सत्यापन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे समय‑सीमा पूरी हो सके और सटीकता बनी रहे।
यह कदम 2019 में कानून के लागू होने के बाद से लंबित आवेदन की बेक़ी को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। जबकि सीएए राष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद बना हुआ है, पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि यह केवल केंद्र की नीति को लागू कर रही है, जिसका लक्ष्य पड़ोसी देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करना है।
नागरिक समाज समूहों ने प्रक्रिया में पारदर्शिता और आवेदकों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है। राज्य ने प्रमाणपत्र जारी करने की संख्या पर समय‑समय पर अपडेट प्रकाशित करने का वादा किया है।
यदि निर्धारित समय‑सीमा पूरी हो जाती है, तो पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने सीएए पंजीकरण अभियान समाप्त कर लिया है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर इस कानून के कार्यान्वयन पर चर्चा प्रभावित हो सकती है।