📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
राजनीति
पश्चिम बंगाल के SIR ट्रिब्यूनल अपील निपटाने में 12 साल तक लग सकते हैं
✍️ The Times of India
🗓 21 सित. 2026, 07:31 AM
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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पश्चिम बंगाल के SIR ट्रिब्यूनलों में अपीलों की कार्यवाही में 12 साल तक का समय लग सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने पश्चिम बंगाल के राज्य सूचना समीक्षा (SIR) ट्रिब्यूनलों में गंभीर देरी की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अपीलों की कार्यवाही में अंतिम निर्णय तक बारह साल तक का समय लग सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी लंबी कार्यावधि ट्रिब्यूनलों के मूल उद्देश्य—सूचना-संबंधी शिकायतों का त्वरित निपटारा—को कमजोर करती है। यह बैकलॉग सीमित न्यायिक संसाधनों और ट्रिब्यूनलों में दाखिल होने वाली अपीलों की बढ़ती संख्या के कारण है।
दीर्घकालिक प्रतीक्षा समय से नागरिक समाज के समूह चिंतित हैं, क्योंकि देर से न्याय से जनता का राज्य की सूचना व्यवस्था में भरोसा घटता है। अधिकारियों से ट्रिब्यूनल सदस्यों की संख्या बढ़ाने या डिजिटल केस‑मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने जैसी उपायों को अपनाने का आग्रह किया गया है।
वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है, पर रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि समय पर सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रणालीगत देरी को जल्द से जल्द दूर करना आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी लंबी कार्यावधि ट्रिब्यूनलों के मूल उद्देश्य—सूचना-संबंधी शिकायतों का त्वरित निपटारा—को कमजोर करती है। यह बैकलॉग सीमित न्यायिक संसाधनों और ट्रिब्यूनलों में दाखिल होने वाली अपीलों की बढ़ती संख्या के कारण है।
दीर्घकालिक प्रतीक्षा समय से नागरिक समाज के समूह चिंतित हैं, क्योंकि देर से न्याय से जनता का राज्य की सूचना व्यवस्था में भरोसा घटता है। अधिकारियों से ट्रिब्यूनल सदस्यों की संख्या बढ़ाने या डिजिटल केस‑मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने जैसी उपायों को अपनाने का आग्रह किया गया है।
वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है, पर रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि समय पर सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रणालीगत देरी को जल्द से जल्द दूर करना आवश्यक है।