📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MarinaVladivostok
स्वास्थ्य
गुना में टैंकर के रासायनिक पदार्थों को खाद्य तेल समझ कर ग्रामीणों ने किया लूट
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 24 अग. 2026, 09:36 AM
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गुना के चाचौड़ा‑बीनागंज में टैंकर उलटने के बाद ग्रामीणों ने इसे खाद्य तेल समझ कर बर्तन‑डिब्बे में भर लिया। प्रशासन ने बाद में चेतावनी दी कि यह रासायनिक पदार्थ है और उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
गुना जिले के चाचौड़ा‑बीनागंज क्षेत्र में टोडी रोड पर रासायनिक पदार्थों से भरा टैंकर उलट गया, जिससे स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। कई ग्रामीणों ने इसे खाद्य तेल समझ कर बर्तन, बाल्टी और डिब्बे में भरना शुरू कर दिया।
बाद में ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस पदार्थ को घर ले जाकर उपयोग करने की सोची थी, जिससे दुर्घटना स्थल पर भीड़ जमा हो गई और यह एक अनियोजित संग्रह स्थल बन गया।
जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को घेर लिया और स्पष्ट चेतावनी जारी की कि यह तेल नहीं, रासायनिक मिश्रण है और इसका उपयोग या सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि इस पदार्थ को संभालने या सेवन करने से बचें और किसी भी संपर्क की सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दें।
अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि टैंकर में कौन‑से रसायन थे और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सफाई कार्य चल रहे हैं और टैंकर को उचित निपटान के लिए हटाया जा रहा है।
यह घटना hazardous material के बारे में जन जागरूकता की कमी और ऐसी स्थितियों में त्वरित सरकारी प्रतिक्रिया की आवश्यकता को उजागर करती है।
बाद में ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस पदार्थ को घर ले जाकर उपयोग करने की सोची थी, जिससे दुर्घटना स्थल पर भीड़ जमा हो गई और यह एक अनियोजित संग्रह स्थल बन गया।
जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को घेर लिया और स्पष्ट चेतावनी जारी की कि यह तेल नहीं, रासायनिक मिश्रण है और इसका उपयोग या सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि इस पदार्थ को संभालने या सेवन करने से बचें और किसी भी संपर्क की सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दें।
अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि टैंकर में कौन‑से रसायन थे और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा। सफाई कार्य चल रहे हैं और टैंकर को उचित निपटान के लिए हटाया जा रहा है।
यह घटना hazardous material के बारे में जन जागरूकता की कमी और ऐसी स्थितियों में त्वरित सरकारी प्रतिक्रिया की आवश्यकता को उजागर करती है।