राजनीति
वृंदावन में नाविकों पर जानलेवा हमले के बाद निषाद पार्टी मैदान में, अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने मथुरा अस्पताल में घायलों से की भेंट
वृंदावन में नाविकों पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने मथुरा अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग रखी।
वृंदावन में निर्दोष एवं मेहनतकश नाविक भाइयों पर हुए जानलेवा हमले को अत्यंत निंदनीय व अक्षम्य बताते हुए निषाद पार्टी मैदान में उतर आई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद स्वयं मथुरा अस्पताल पहुँचकर घायल साथियों और उनके परिजनों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने डॉक्टरों को समुचित व निःशुल्क उपचार के कड़े निर्देश दिए।
डॉ. निषाद ने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार बिल्कुल अकेला नहीं है और समाज के आत्मसम्मान तथा न्याय की रक्षा के लिए पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। पूरे प्रकरण से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराकर दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कार्रवाई कराई जाएगी जो नजीर बने।
पार्टी ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश और मांगें रखी हैं। इनमें घटना में शामिल सभी हमलावरों व उपद्रवियों को तत्काल चिन्हित कर गिरफ्तार करना तथा एंबुलेंस रोककर दोबारा मारपीट करने वाले आरोपियों पर कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज करना शामिल है। साथ ही सभी घायल नाविकों को बेहतर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त पीड़ित नाविकों एवं उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षा घेरा प्रदान करने तथा शासन स्तर से उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा देने की मांग रखी गई है। डॉ. निषाद ने स्पष्ट कहा कि न्याय मिलकर रहेगा और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक विश्राम नहीं।
डॉ. निषाद ने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार बिल्कुल अकेला नहीं है और समाज के आत्मसम्मान तथा न्याय की रक्षा के लिए पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है। पूरे प्रकरण से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराकर दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कार्रवाई कराई जाएगी जो नजीर बने।
पार्टी ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश और मांगें रखी हैं। इनमें घटना में शामिल सभी हमलावरों व उपद्रवियों को तत्काल चिन्हित कर गिरफ्तार करना तथा एंबुलेंस रोककर दोबारा मारपीट करने वाले आरोपियों पर कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज करना शामिल है। साथ ही सभी घायल नाविकों को बेहतर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त पीड़ित नाविकों एवं उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षा घेरा प्रदान करने तथा शासन स्तर से उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा देने की मांग रखी गई है। डॉ. निषाद ने स्पष्ट कहा कि न्याय मिलकर रहेगा और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक विश्राम नहीं।