📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The original uploader was Mayooranathan at Tamil W
राशिफल
वास्तु शास्त्र: घड़ी की दिशा में सीढ़ियाँ जल, उल्टी दिशा में अग्नि दर्शाती हैं
✍️ Aaj Tak
🗓 21 अग. 2026, 08:54 PM
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वास्तु के अनुसार, घड़ी की दिशा में बनायीं गई सीढ़ियाँ जल तत्व से जुड़ी हैं और ऊर्जा को कम करती हैं, जबकि उल्टी दिशा में सीढ़ियाँ अग्नि तत्व को दर्शाती हैं और ऊर्जा बढ़ाती हैं।
आज तक के अनुसार, वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के मुड़ने की दिशा को तत्वों से जोड़ा गया है। घड़ी की दिशा (दायाँ) में बनायीं गई सीढ़ियों को जल तत्व से सम्बंधित माना जाता है, जो आसपास की ऊर्जा को कम करने वाला प्रभाव देता है। वहीं उल्टी दिशा (बायाँ) में सीढ़ियों को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है, जिससे उस दिशा की ऊर्जा बढ़ती है।
वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों की दिशा का चयन केवल सुविधा या सौंदर्य पर नहीं, बल्कि ऊर्जा के संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। निर्माणकर्ता और गृहस्वामी इस बात को ध्यान में रखते हुए, अपने घर की ऊर्जा क्षेत्र को अनुकूल बनाने हेतु दिशा का चयन कर सकते हैं।
हालाँकि ये सिद्धांत पारम्परिक मान्यताओं पर आधारित हैं, परन्तु आज भी कई भारतीय घरों में इनका पालन किया जाता है। वास्तु सलाह को संरचनात्मक सुरक्षा, स्थान उपयोग और लागत जैसे व्यावहारिक पहलुओं के साथ मिलाकर ही अंतिम डिजाइन तय किया जाता है।
वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों की दिशा का चयन केवल सुविधा या सौंदर्य पर नहीं, बल्कि ऊर्जा के संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। निर्माणकर्ता और गृहस्वामी इस बात को ध्यान में रखते हुए, अपने घर की ऊर्जा क्षेत्र को अनुकूल बनाने हेतु दिशा का चयन कर सकते हैं।
हालाँकि ये सिद्धांत पारम्परिक मान्यताओं पर आधारित हैं, परन्तु आज भी कई भारतीय घरों में इनका पालन किया जाता है। वास्तु सलाह को संरचनात्मक सुरक्षा, स्थान उपयोग और लागत जैसे व्यावहारिक पहलुओं के साथ मिलाकर ही अंतिम डिजाइन तय किया जाता है।