धर्म
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में मिलेगा जी आई टैग वाला बैंड
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में जी आईं टैग वाले बैंड मिलेगा और 25रुपए में भरपेट भोजन
गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
गयाजी में पितृपक्ष मेले की हाईटेक तैयारी: बच्चों को मिलेंगे QR कोड वाले बैंड, खोने पर तुरंत मिलेगी लोकेशन; 25 रुपए में पेट भर खाना
विश्व प्रसिद्ध गयाजी पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस महामेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक और अनूठी पहल की गई हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बार मेले को पूरी तरह से व्यवस्थित, स्वच्छ व श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाना है। इस बात की जानकारी डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बातचीत में दी।
बच्चों के लिए खास QR कोड सुरक्षा बैंड
उन्होंने बताया कि मेले में अक्सर भीड़-भाड़ के कारण बच्चों के बिछड़ने का डर बना रहता है। इस बार प्रशासन ने इसके लिए एक अनोखा समाधान निकाला है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर आते ही बच्चों को स्पेशल 'QR कोड बैंड' पहनाया जाएगा।
इस QR कोड में बच्चे के माता-पिता का पूरा विवरण और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। यदि कोई बच्चा भीड़ में बिछड़ जाता है, तो कोई भी व्यक्ति, पुलिसकर्मी या वॉलिंटियर अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर तुरंत परिजनों से संपर्क कर सकेगा।
स्थानीय बच्चों ने तैयार किया लोगो और शहर की पेंटिंग
उन्होंने बताया कि गयाजी शहर को एक नया रूप देने के लिए स्थानीय बच्चों की प्रतिभा का सहारा लिया गया है।
शहर के बच्चों के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर पितृपक्ष मेले का आधिकारिक लोगो चुना गया है। मुख्य लोगो के अलावा 9 अन्य चयनित लोगो का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार में होगा।
पेन्ट द सिटी अभियान: 'पेन्ट द सिटी' पहल के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये बच्चे शहर की दीवारों, घाटों और चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गयाजी के माहात्म से जुड़ी पौराणिक कहानियों की पेंटिंग बना रहे हैं।
70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था
डीएम ने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन 70 हजार लोगों की आवासन क्षमता तैयार कर रहा है। इसके तहत गांधी मैदान में 2500 बेड की विशाल 'टेंट सिटी' बनाई जा रही है।
34346;25 में मिलेगा जीविका दीदी की रसोई से भरपेट भोजन
डीएम ने बताया कि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 'जीविका दीदी' की रसोई के माध्यम से श्रद्धालुओं को मात्र 25 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन मिलेगा।
हेल्थ, हाइजीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख आंकड़े:
सफाई व्यवस्था: पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है।
शौचालय व स्नानघर: 364 स्थायी शौचालय, 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं।
सड़क व पथ मरम्मत: नगर निगम द्वारा 53 पथों और पथ निर्माण विभाग द्वारा 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है।
280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वॉटर टैंकर और 2 वॉटर एटीएम मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे।
73 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे।
यातायात और डाक विभाग की खास सुविधाएं
श्रद्धालुओं के लिए 50 रिंग बसें और 150 ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए स्काउट-गाइड, NSS और NCC के वॉलिंटियर व्हीलचेयर की मदद से पिंडवेदी तक पहुंचाएंगे।
डाक विभाग विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी करेगा। इसके साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र में माइक्रो-एटीएम लेकर डाककर्मी घूमेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को नकद निकासी में कोई परेशानी न हो।
सुरक्षा के लिए SDRF की टीम सभी तालाबों और घाटों पर मुस्तैद रहेगी। साथ ही 24/7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम काम करेगा
गयाजी में पितृपक्ष मेले की हाईटेक तैयारी: बच्चों को मिलेंगे QR कोड वाले बैंड, खोने पर तुरंत मिलेगी लोकेशन; 25 रुपए में पेट भर खाना
विश्व प्रसिद्ध गयाजी पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस महामेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक और अनूठी पहल की गई हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बार मेले को पूरी तरह से व्यवस्थित, स्वच्छ व श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाना है। इस बात की जानकारी डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बातचीत में दी।
बच्चों के लिए खास QR कोड सुरक्षा बैंड
उन्होंने बताया कि मेले में अक्सर भीड़-भाड़ के कारण बच्चों के बिछड़ने का डर बना रहता है। इस बार प्रशासन ने इसके लिए एक अनोखा समाधान निकाला है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर आते ही बच्चों को स्पेशल 'QR कोड बैंड' पहनाया जाएगा।
इस QR कोड में बच्चे के माता-पिता का पूरा विवरण और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा। यदि कोई बच्चा भीड़ में बिछड़ जाता है, तो कोई भी व्यक्ति, पुलिसकर्मी या वॉलिंटियर अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर तुरंत परिजनों से संपर्क कर सकेगा।
स्थानीय बच्चों ने तैयार किया लोगो और शहर की पेंटिंग
उन्होंने बताया कि गयाजी शहर को एक नया रूप देने के लिए स्थानीय बच्चों की प्रतिभा का सहारा लिया गया है।
शहर के बच्चों के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर पितृपक्ष मेले का आधिकारिक लोगो चुना गया है। मुख्य लोगो के अलावा 9 अन्य चयनित लोगो का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार में होगा।
पेन्ट द सिटी अभियान: 'पेन्ट द सिटी' पहल के तहत बच्चों के 27 समूहों का चयन किया गया है। ये बच्चे शहर की दीवारों, घाटों और चौक-चौराहों पर पितृपक्ष और गयाजी के माहात्म से जुड़ी पौराणिक कहानियों की पेंटिंग बना रहे हैं।
70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था
डीएम ने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन 70 हजार लोगों की आवासन क्षमता तैयार कर रहा है। इसके तहत गांधी मैदान में 2500 बेड की विशाल 'टेंट सिटी' बनाई जा रही है।
34346;25 में मिलेगा जीविका दीदी की रसोई से भरपेट भोजन
डीएम ने बताया कि श्रद्धालुओं को शुद्ध और सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 'जीविका दीदी' की रसोई के माध्यम से श्रद्धालुओं को मात्र 25 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन मिलेगा।
हेल्थ, हाइजीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख आंकड़े:
सफाई व्यवस्था: पूरे नगर क्षेत्र को 5 जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है।
शौचालय व स्नानघर: 364 स्थायी शौचालय, 579 प्री-फैब्रिकेटेड अस्थायी शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं।
सड़क व पथ मरम्मत: नगर निगम द्वारा 53 पथों और पथ निर्माण विभाग द्वारा 35 मुख्य सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है।
280 चापाकल, 54 प्याऊ, 890 नल, 22 वॉटर टैंकर और 2 वॉटर एटीएम मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे।
73 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल स्टाफ और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे।
यातायात और डाक विभाग की खास सुविधाएं
श्रद्धालुओं के लिए 50 रिंग बसें और 150 ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए स्काउट-गाइड, NSS और NCC के वॉलिंटियर व्हीलचेयर की मदद से पिंडवेदी तक पहुंचाएंगे।
डाक विभाग विशेष पितृपक्ष कवर लिफाफा जारी करेगा। इसके साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र में माइक्रो-एटीएम लेकर डाककर्मी घूमेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को नकद निकासी में कोई परेशानी न हो।
सुरक्षा के लिए SDRF की टीम सभी तालाबों और घाटों पर मुस्तैद रहेगी। साथ ही 24/7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम काम करेगा