वेंकटेश गलग का तबादला रद्द नहीं हुआ तो पूरे जिले में आंदोलन: विश्वनाथ बल्लिदव
# देवदुर्ग | ब्रेकिंग न्यूज़
## वेंकटेश गलग का तबादला रद्द नहीं हुआ तो पूरे जिले में आंदोलन: विश्वनाथ बल्लिदव
**तबादले के आदेश को नियमविरुद्ध बताते हुए आरोप; मूल पद पर ही सेवा जारी रखने का अवसर देने की मांग**
**देवदुर्ग, 8 अक्टूबर:** लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता (EE) वेंकटेश गलग के तबादले को दुर्भावनापूर्ण और नियमविरुद्ध बताते हुए प्रगतिशील संगठनों के महासंघ के संयोजक विश्वनाथ बल्लिदव ने चेतावनी दी कि यदि तबादले का आदेश तत्काल रद्द नहीं किया गया, तो पूरे जिले में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
नगर के प्रेस भवन में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान यह तबादला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेंकटेश गलग का कार्यकाल पूरा नहीं होने के बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप से उन्हें साजिश के तहत स्थानांतरित किया गया है।
बल्लिदव ने कहा कि वेंकटेश गलग जनहितैषी, ईमानदार और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने वाले अधिकारी हैं। उन्होंने कई छोटे ठेकेदारों की मदद की है और आम लोगों के साथ मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए यथासंभव सहयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी लोकप्रियता से असहज कुछ लोगों ने यह कदम उठाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वेंकटेश गलग ने वर्ष 2028 के देवदुर्ग विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनने की कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, जनता की ओर से उनके नाम को लेकर मांग उठना उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है और मतदाता जिसे समर्थन देते हैं, वही निर्वाचित होता है, उन्होंने कहा।
बल्लिदव ने कहा कि संबंधित लोगों को यह समझना चाहिए कि वेंकटेश गलग को पद से दूर किया जा सकता है, लेकिन जनता के दिलों से उन्हें दूर करना संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रायचूर जिला पंचायत में कई शिकायतों का सामना कर रहे कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इनमें अन्य विभागों से आए अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे अधिकारियों को उनके मूल विभागों में वापस क्यों नहीं भेजा गया, यह सवाल उठता है। इस संबंध में पहले ही शिकायतें भी दर्ज कराई जा चुकी हैं, उन्होंने बताया।
बल्लिदव के अनुसार, वेंकटेश गलग के खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं। उन्होंने पिछले 15 वर्षों से जिले में एक ईमानदार अधिकारी के रूप में सेवा दी है और उनकी कार्यशैली को लेकर कभी कोई गंभीर आपत्ति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक तबादला कर दूसरे व्यक्ति को पद का प्रभार सौंपने के पीछे साजिश है। उन्होंने मांग की कि तबादले का आदेश तत्काल रद्द कर वेंकटेश गलग को उनके मूल पद पर सेवा जारी रखने का अवसर दिया जाए। ऐसा नहीं होने पर पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि महासभा की तालुक समिति के अध्यक्ष मानशय्या नायक, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रंगप्पा गोसल, संगठन के पदाधिकारी बाबू गौरमपेटे, गुंडप्पा नायक और बाबू कवास सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
**रिपोर्ट: खाजा हुसैन बाबा, जालहल्ली**
## वेंकटेश गलग का तबादला रद्द नहीं हुआ तो पूरे जिले में आंदोलन: विश्वनाथ बल्लिदव
**तबादले के आदेश को नियमविरुद्ध बताते हुए आरोप; मूल पद पर ही सेवा जारी रखने का अवसर देने की मांग**
**देवदुर्ग, 8 अक्टूबर:** लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता (EE) वेंकटेश गलग के तबादले को दुर्भावनापूर्ण और नियमविरुद्ध बताते हुए प्रगतिशील संगठनों के महासंघ के संयोजक विश्वनाथ बल्लिदव ने चेतावनी दी कि यदि तबादले का आदेश तत्काल रद्द नहीं किया गया, तो पूरे जिले में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
नगर के प्रेस भवन में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान यह तबादला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वेंकटेश गलग का कार्यकाल पूरा नहीं होने के बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप से उन्हें साजिश के तहत स्थानांतरित किया गया है।
बल्लिदव ने कहा कि वेंकटेश गलग जनहितैषी, ईमानदार और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करने वाले अधिकारी हैं। उन्होंने कई छोटे ठेकेदारों की मदद की है और आम लोगों के साथ मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए यथासंभव सहयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी लोकप्रियता से असहज कुछ लोगों ने यह कदम उठाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वेंकटेश गलग ने वर्ष 2028 के देवदुर्ग विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनने की कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, जनता की ओर से उनके नाम को लेकर मांग उठना उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को है और मतदाता जिसे समर्थन देते हैं, वही निर्वाचित होता है, उन्होंने कहा।
बल्लिदव ने कहा कि संबंधित लोगों को यह समझना चाहिए कि वेंकटेश गलग को पद से दूर किया जा सकता है, लेकिन जनता के दिलों से उन्हें दूर करना संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रायचूर जिला पंचायत में कई शिकायतों का सामना कर रहे कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इनमें अन्य विभागों से आए अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे अधिकारियों को उनके मूल विभागों में वापस क्यों नहीं भेजा गया, यह सवाल उठता है। इस संबंध में पहले ही शिकायतें भी दर्ज कराई जा चुकी हैं, उन्होंने बताया।
बल्लिदव के अनुसार, वेंकटेश गलग के खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं। उन्होंने पिछले 15 वर्षों से जिले में एक ईमानदार अधिकारी के रूप में सेवा दी है और उनकी कार्यशैली को लेकर कभी कोई गंभीर आपत्ति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक तबादला कर दूसरे व्यक्ति को पद का प्रभार सौंपने के पीछे साजिश है। उन्होंने मांग की कि तबादले का आदेश तत्काल रद्द कर वेंकटेश गलग को उनके मूल पद पर सेवा जारी रखने का अवसर दिया जाए। ऐसा नहीं होने पर पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि महासभा की तालुक समिति के अध्यक्ष मानशय्या नायक, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रंगप्पा गोसल, संगठन के पदाधिकारी बाबू गौरमपेटे, गुंडप्पा नायक और बाबू कवास सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
**रिपोर्ट: खाजा हुसैन बाबा, जालहल्ली**