📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Whgler
अपराध
उत्तर प्रदेश के किशोर ने रैपिडो ड्राइवर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया
✍️ theweek.in
🗓 16 अग. 2026, 07:08 AM
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उत्तर प्रदेश की एक किशोरी ने रैपिडो ड्राइवर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो साझा किया, जिससे राइड‑हेलिंग सेवा पर आलोचना बढ़ी।
उत्तर प्रदेश की एक किशोरी ने रैपिडो ड्राइवर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीडियो साझा किया, जिससे राइड‑हेलिंग सेवा पर आलोचना बढ़ी। वीडियो में किशोरी को बाइक के सीट पर खड़ा दिखाया गया है, जबकि ड्राइवर ने अनुचित टिप्पणी और इशारे किए। इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा उत्पन्न की और कई उपयोगकर्ताओं ने रैपिडो से ड्राइवर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
वीडियो को एक लोकप्रिय वीडियो‑शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड किया गया और जल्दी ही हजारों दृश्य और शेयर प्राप्त हुए। दर्शकों ने इस तरह के उत्पीड़न पर गुस्सा व्यक्त किया और रैपिडो को अपनी सुरक्षा नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए कहा।
अभी तक रैपिडो ने इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। किशोरी के परिवार ने एक विस्तृत जांच का अनुरोध किया है और अधिकारियों से आग्रह किया है कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों को तुरंत निपटाया जाए।
यह मामला गिग अर्थव्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा के बारे में चल रही चिंताओं को उजागर करता है, विशेष रूप से युवा महिलाओं के लिए जो परिवहन के दौरान उत्पीड़न के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं। यह सोशल मीडिया की भूमिका को भी रेखांकित करता है, जो ऐसे घटनाओं को सार्वजनिक ध्यान में लाता है और कंपनियों को सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।
वीडियो को एक लोकप्रिय वीडियो‑शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड किया गया और जल्दी ही हजारों दृश्य और शेयर प्राप्त हुए। दर्शकों ने इस तरह के उत्पीड़न पर गुस्सा व्यक्त किया और रैपिडो को अपनी सुरक्षा नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए कहा।
अभी तक रैपिडो ने इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। किशोरी के परिवार ने एक विस्तृत जांच का अनुरोध किया है और अधिकारियों से आग्रह किया है कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों को तुरंत निपटाया जाए।
यह मामला गिग अर्थव्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा के बारे में चल रही चिंताओं को उजागर करता है, विशेष रूप से युवा महिलाओं के लिए जो परिवहन के दौरान उत्पीड़न के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं। यह सोशल मीडिया की भूमिका को भी रेखांकित करता है, जो ऐसे घटनाओं को सार्वजनिक ध्यान में लाता है और कंपनियों को सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है।