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बिज़नेस
उत्तर प्रदेश ने किराए के अनुबंध शुल्क घटाए, किरायेदार‑मालिकों को राहत
✍️ Business Standard
🗓 20 अक्टू. 2026, 07:01 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने किराए के अनुबंध पंजीकरण शुल्क घटा दिया, जिससे राज्य में किरायेदार और मकान मालिक दोनों को आर्थिक राहत मिली।
उत्तर प्रदेश सरकार ने किराए के अनुबंध पंजीकरण शुल्क में कटौती की घोषणा की है। यह कदम किरायेदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए इस प्रक्रिया को अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि नई शुल्क संरचना राज्य के सभी जिलों में समान रूप से लागू होगी और अधिसूचना के जारी होने के साथ ही प्रभावी हो जाएगी। पंजीकरण लागत को घटाकर सरकार का लक्ष्य है कि अधिक मकान मालिक और किरायेदार अपने किरायेदारी समझौते को कानूनी रूप से दर्ज कराएँ, जिससे सुरक्षा बढ़े और विवादों में कमी आए।
यह कदम राज्य की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद आवासीय खर्चों को कम करना और नौकरशाही को सरल बनाना है। किरायेदार संगठनों और रियल एस्टेट समूहों ने इस कटौती का स्वागत किया है, क्योंकि इससे कानूनी अनुपालन की बाधा कम हो गई है।
नए शुल्क विवरण उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किए गए हैं, जहाँ इच्छुक पक्ष आवश्यक दस्तावेज़ और सटीक शुल्क राशि देख सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नई शुल्क संरचना राज्य के सभी जिलों में समान रूप से लागू होगी और अधिसूचना के जारी होने के साथ ही प्रभावी हो जाएगी। पंजीकरण लागत को घटाकर सरकार का लक्ष्य है कि अधिक मकान मालिक और किरायेदार अपने किरायेदारी समझौते को कानूनी रूप से दर्ज कराएँ, जिससे सुरक्षा बढ़े और विवादों में कमी आए।
यह कदम राज्य की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद आवासीय खर्चों को कम करना और नौकरशाही को सरल बनाना है। किरायेदार संगठनों और रियल एस्टेट समूहों ने इस कटौती का स्वागत किया है, क्योंकि इससे कानूनी अनुपालन की बाधा कम हो गई है।
नए शुल्क विवरण उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किए गए हैं, जहाँ इच्छुक पक्ष आवश्यक दस्तावेज़ और सटीक शुल्क राशि देख सकते हैं।