📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ravityagijiffy
कृषि
उत्तर प्रदेश ने इस सीजन में 94% से अधिक शुगरकेन किसानों को भुगतान किया
✍️ BusinessLine
🗓 26 अग. 2026, 09:19 AM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि इस सीजन में शुगरकेन किसानों को 94% से अधिक बकाया राशि का निपटारा कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश की राज्य प्रशासन ने बताया कि इस कृषि सीजन में शुगरकेन किसानों को बकाया भुगतान का 94 प्रतिशत से अधिक हिस्सा निपटा दिया गया है। यह आंकड़ा किसानों के भुगतान विभाग द्वारा जारी किया गया है और यह दर्शाता है कि लंबे समय से चल रही देनदारियों को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि शेष बकाया, जो कुल देनदारी का छह प्रतिशत से कम है, वर्तमान में प्रक्रिया में है और आगे के किस्तों में जारी किया जाएगा। समय पर भुगतान किसानों की नकदी प्रवाह को सुधारने में मदद करेगा, क्योंकि वे बुआई और कटाई के खर्चों को पूरा करने के लिए इस पर निर्भर होते हैं।
शुगरकेन उत्पादन में अग्रणी उत्तर प्रदेश को किसानों की देर से भुगतान संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ रहा था। नवीनतम डेटा से पता चलता है कि सरकार के हालिया प्रयास सफल हो रहे हैं, परन्तु शेष बकाया को पूरी तरह निपटाने के लिए मिलों के साथ निरंतर समन्वय आवश्यक रहेगा।
विभाग ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपने भुगतान की स्थिति की पुष्टि करें और किसी भी असंगति की रिपोर्ट करें। साथ ही उन्होंने वित्तीय वर्ष के अंत से पहले शेष बकाया निपटाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सभी हितधारकों ने इस प्रगति को राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना है, क्योंकि शुगरकेन क्षेत्र रोजगार और राजस्व का प्रमुख स्रोत है।
अधिकारियों ने कहा कि शेष बकाया, जो कुल देनदारी का छह प्रतिशत से कम है, वर्तमान में प्रक्रिया में है और आगे के किस्तों में जारी किया जाएगा। समय पर भुगतान किसानों की नकदी प्रवाह को सुधारने में मदद करेगा, क्योंकि वे बुआई और कटाई के खर्चों को पूरा करने के लिए इस पर निर्भर होते हैं।
शुगरकेन उत्पादन में अग्रणी उत्तर प्रदेश को किसानों की देर से भुगतान संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ रहा था। नवीनतम डेटा से पता चलता है कि सरकार के हालिया प्रयास सफल हो रहे हैं, परन्तु शेष बकाया को पूरी तरह निपटाने के लिए मिलों के साथ निरंतर समन्वय आवश्यक रहेगा।
विभाग ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपने भुगतान की स्थिति की पुष्टि करें और किसी भी असंगति की रिपोर्ट करें। साथ ही उन्होंने वित्तीय वर्ष के अंत से पहले शेष बकाया निपटाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सभी हितधारकों ने इस प्रगति को राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना है, क्योंकि शुगरकेन क्षेत्र रोजगार और राजस्व का प्रमुख स्रोत है।