📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Milad A380 talk?
रक्षा
अमेरिकी राजदूत ने कहा, इस सप्ताहांत इरान पर हमला संभव
✍️ NDTV Top
🗓 24 अक्टू. 2026, 07:39 AM
👁 24
एक वरिष्ठ अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अमेरिका इस सप्ताहांत इरान पर सैन्य हमला कर सकता है, जो राष्ट्रपति ट्रम्प के हालिया बयान को दोहराता है।
एक वरिष्ठ अमेरिकी राजदूत ने पत्रकारों को बताया कि वाशिंगटन इस सप्ताहांत इरान पर हमला करने के लिए तैयार है, जिससे कई महीनों से चल रहे कूटनीतिक ठहराव में बदलाव का संकेत मिलता है। राजदूत ने लक्ष्य या संचालन की विस्तृत जानकारी नहीं दी, पर यह कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में निर्णय लिया जा सकता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, कूटनीति के लंबे ठहराव के बाद। हालिया बयानों में राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका बल का उपयोग नहीं कर सकता, और आगे की बातचीत इरान के व्यवहार पर निर्भर करेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान क्षेत्र में तेज़ी से तनाव बढ़ा सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्षों ने कड़ी रेटोरिक का आदान‑प्रदान किया है। व्हाइट हाउस ने कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई, और अधिकारियों ने कहा कि कूटनीतिक चैनल खुले हैं, जबकि सैन्य विकल्पों पर चर्चा जारी है।
संभावित हमला इरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्षों में उसकी भागीदारी के कारण बढ़ते तनाव के बीच आता है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक इस कदम को नज़र में रख रहे हैं, क्योंकि यह पहले से अस्थिर मध्य‑पूर्व परिदृश्य को और बिगाड़ सकता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, कूटनीति के लंबे ठहराव के बाद। हालिया बयानों में राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका बल का उपयोग नहीं कर सकता, और आगे की बातचीत इरान के व्यवहार पर निर्भर करेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान क्षेत्र में तेज़ी से तनाव बढ़ा सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्षों ने कड़ी रेटोरिक का आदान‑प्रदान किया है। व्हाइट हाउस ने कोई निश्चित समय‑सीमा नहीं बताई, और अधिकारियों ने कहा कि कूटनीतिक चैनल खुले हैं, जबकि सैन्य विकल्पों पर चर्चा जारी है।
संभावित हमला इरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्षों में उसकी भागीदारी के कारण बढ़ते तनाव के बीच आता है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक इस कदम को नज़र में रख रहे हैं, क्योंकि यह पहले से अस्थिर मध्य‑पूर्व परिदृश्य को और बिगाड़ सकता है।