📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
विदेश
अमेरिका में डे लाइट सेविंग टाइम समाप्त: घड़ी एक घंटा पीछे, सेंसट में बिल अटका
✍️ Times of India
🗓 02 नव. 2026, 04:49 AM
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अमेरिका में 1 नवंबर 2026 को डे लाइट सेविंग टाइम समाप्त हो गया, जिससे लोगों को एक घंटा अतिरिक्त नींद मिली। हालाँकि, समय परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए सेंसट में विधायी प्रयास अटके हुए हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका में वार्षिक डे लाइट सेविंग टाइम (DST) का समापन 1 नवंबर 2026 को पूर्ण हुआ। मानक शेड्यूल के अनुसार, घड़ियाँ एक घंटा पीछे कर दी गईं, जिससे शामें अंधेरी हो गईं और निवासियों को एक अतिरिक्त घंटे की नींद मिली। यह परिवर्तन वर्ष के लिए गर्मियों के समय के समापन का संकेत है।
घड़ी के इस सामान्य परिवर्तन के बावजूद, डे लाइट सेविंग टाइम के भविष्य पर चर्चा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। इस बात पर लगातार बहस हो रही है कि क्या अमेरिका को स्थायी मानक समय (standard time) अपनाना चाहिए या वर्तमान प्रणाली को बनाए रखना चाहिए जिसमें वर्ष में दो बार समय बदला जाता है। नींद विशेषज्ञों ने वर्तमान द्विवार्षिक स्विचिंग के विरोध में आवाज उठाई है, क्योंकि इसका मानव नींद चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस बहस को सुलझाने के लिए विधायी कार्रवाई में बाधाएँ सामने आई हैं। हालाँकि, संसद के निचले सदन (House of Representatives) ने समय परिवर्तन को स्थायी बनाने वाले विधेयक के लिए द्विपक्षीय समर्थन दिखाया है, लेकिन यह बिल ऊपरी सदन (Senate) में अटका हुआ है। अंतिम मंजूरी की कमी के कारण, अमेरिका आने वाले वर्षों में भी पारंपरिक समय परिवर्तनों का पालन करता रहेगा।
सार्वजनिक राय स्थायी डे लाइट सेविंग टाइम अपनाने के बजाय मानक समय को बनाए रखने की ओर झुकी हुई प्रतीत होती है। यह पसंद मुख्य रूप से स्वास्थ्य संबंधी विचारों से प्रेरित है, विशेष रूप से दैनिक शेड्यूल और प्राकृतिक नींद चक्र के संरेखण से। अटका हुआ विधेयक समय मापन के मानकों में राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तन करने की जटिलता को उजागर करता है।
घड़ी के इस सामान्य परिवर्तन के बावजूद, डे लाइट सेविंग टाइम के भविष्य पर चर्चा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। इस बात पर लगातार बहस हो रही है कि क्या अमेरिका को स्थायी मानक समय (standard time) अपनाना चाहिए या वर्तमान प्रणाली को बनाए रखना चाहिए जिसमें वर्ष में दो बार समय बदला जाता है। नींद विशेषज्ञों ने वर्तमान द्विवार्षिक स्विचिंग के विरोध में आवाज उठाई है, क्योंकि इसका मानव नींद चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस बहस को सुलझाने के लिए विधायी कार्रवाई में बाधाएँ सामने आई हैं। हालाँकि, संसद के निचले सदन (House of Representatives) ने समय परिवर्तन को स्थायी बनाने वाले विधेयक के लिए द्विपक्षीय समर्थन दिखाया है, लेकिन यह बिल ऊपरी सदन (Senate) में अटका हुआ है। अंतिम मंजूरी की कमी के कारण, अमेरिका आने वाले वर्षों में भी पारंपरिक समय परिवर्तनों का पालन करता रहेगा।
सार्वजनिक राय स्थायी डे लाइट सेविंग टाइम अपनाने के बजाय मानक समय को बनाए रखने की ओर झुकी हुई प्रतीत होती है। यह पसंद मुख्य रूप से स्वास्थ्य संबंधी विचारों से प्रेरित है, विशेष रूप से दैनिक शेड्यूल और प्राकृतिक नींद चक्र के संरेखण से। अटका हुआ विधेयक समय मापन के मानकों में राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तन करने की जटिलता को उजागर करता है।