📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Road Transport and Highways
देश
नितिन गाडकरी ने 1,176 करोड़ रुपये की छह लेन वाली टीस्टा पुल की घोषणा
✍️ Dainik Jagran MP CG
🗓 03 अक्टू. 2026, 04:02 PM
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केंद्रीय मंत्री नितिन गाडकरी ने टीस्टा नदी पर 1,176 करोड़ रुपये की लागत वाला छह लेन वाला पुल घोषित किया।
नई दिल्ली – सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री नितिन गाडकरी ने टीस्टा नदी पर छह लेन वाला पुल बनाने की योजना की घोषणा की। लगभग 1,176 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह पुल क्षेत्र में संपर्क सुधारने और यात्रियों व मालवाहक ट्रैफ़िक के समय को घटाने के उद्देश्य से तैयार किया जाएगा।
गाडकरी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया कि टीस्टा कॉरिडोर व्यापार और पर्यटन दोनों के लिये रणनीतिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केंद्र सरकार के तेज़ गति वाले बुनियादी ढाँचा कार्यक्रम के तहत राज्य और निजी भागीदारों के सहयोग से लागू की जाएगी।
विस्तृत डिज़ाइन और टेंडर प्रक्रिया अभी जारी नहीं हुई है, पर अधिकारियों का मानना है कि अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है और तीन‑चार साल में पूरा हो सकता है। इस विकास से स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि आधुनिक और उच्च क्षमता वाला पुल मौजूदा पारगमन बिंदुओं पर भीड़ को कम करेगा और बरसात के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ता है, तब एक विश्वसनीय मार्ग प्रदान करेगा।
परियोजना के आगे के चरणों में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और समय‑सारिणी से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जारी की जाएगी।
गाडकरी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया कि टीस्टा कॉरिडोर व्यापार और पर्यटन दोनों के लिये रणनीतिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केंद्र सरकार के तेज़ गति वाले बुनियादी ढाँचा कार्यक्रम के तहत राज्य और निजी भागीदारों के सहयोग से लागू की जाएगी।
विस्तृत डिज़ाइन और टेंडर प्रक्रिया अभी जारी नहीं हुई है, पर अधिकारियों का मानना है कि अगले वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है और तीन‑चार साल में पूरा हो सकता है। इस विकास से स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
हितधारकों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि आधुनिक और उच्च क्षमता वाला पुल मौजूदा पारगमन बिंदुओं पर भीड़ को कम करेगा और बरसात के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ता है, तब एक विश्वसनीय मार्ग प्रदान करेगा।
परियोजना के आगे के चरणों में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और समय‑सारिणी से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जारी की जाएगी।