📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Honey Joshi
धर्म
उज्जैन में सर्वपितृ अमावस्या पर दुर्लभ गजछाया योग, शिप्रा स्नान और निःशुल्क तर्पण का आयोजन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अक्टू. 2026, 11:01 AM
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सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार के साथ दुर्लभ गजछाया योग बनने पर उज्जैन में श्रद्धालुओं ने शिप्रा में स्नान, सिद्धवट पर पिंडदान किया और नीलगंगा में 11वें वर्ष निःशुल्क तर्पण में हिस्सा लिया।
स्थानीय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या और दुर्लभ गजछाया योग का संयोग शनिवार को बना। इस विशेष संयोग में किए गए rituels के पुण्यफल कई गुना बढ़ जाने की मान्यता है।
श्रद्धालुओं ने शिप्रा नदी में पवित्र स्नान किया और सिद्धवट पर पितरों के लिए पिंडदान किया। इसी समय, नीलगंगा में लगातार 11वें वर्ष निःशुल्क तर्पण का आयोजन हुआ, जिसमें कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाओं का ध्यान रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराईं। इस आयोजन को धार्मिक महत्व और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग के कारण विशेष ध्यान मिला, जो दान और पुण्य के कार्यों के फल को बढ़ाने वाला माना जाता है।
श्रद्धालुओं ने शिप्रा नदी में पवित्र स्नान किया और सिद्धवट पर पितरों के लिए पिंडदान किया। इसी समय, नीलगंगा में लगातार 11वें वर्ष निःशुल्क तर्पण का आयोजन हुआ, जिसमें कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाओं का ध्यान रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराईं। इस आयोजन को धार्मिक महत्व और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग के कारण विशेष ध्यान मिला, जो दान और पुण्य के कार्यों के फल को बढ़ाने वाला माना जाता है।